हरियाणा, 01 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी अनिवार्य रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई वृद्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) द्वारा लिया गया यह निर्णय देश और प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा उन्हें उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए अनिवार्य रबी फसलों के MSP में की गई यह वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई उस घोषणा के अनुरूप है, जिसके तहत MSP को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर निर्धारित करने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने बताया कि इस फैसले के तहत MSP में सबसे अधिक वृद्धि कुसुम के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद रेपसीड एवं सरसों के MSP में 413 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चने में 83 रुपये और गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई MSP दरों के अनुसार अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत पर गेहूं के मामले में 106 प्रतिशत, रेपसीड एवं सरसों पर 96 प्रतिशत, मसूर पर 92 प्रतिशत, चने पर 59 प्रतिशत, जौ पर 58 प्रतिशत और कुसुम पर 50 प्रतिशत का मार्जिन रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हाल के वर्षों में केंद्र सरकार अनाज के अलावा दालों और तिलहन जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार उच्च MSP की पेशकश कर रही है। रबी फसलों के MSP में यह वृद्धि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रदेश में फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा के किसान इन फैसलों से लाभान्वित होकर देश के अन्न भंडार को और समृद्ध बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।






