मोगा, 01 अक्टूबर, 2026 (लछमण जीत सिंह पुर्बा): रिटायर्ड रेवेन्यू कानूनगो-पटवारी वेलफेयर एसोसिएशन रजि. मोगा की ओर से जिला प्रधान दर्शन सिंह गिल के नेतृत्व में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय मोगा के गेट पर जोरदार रोष धरना दिया गया।
एसोसिएशन ने कहा कि 1 जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को सरकार के पत्र नंबर 03-01-21-IFP/12, दिनांक 18-02-2025 के अनुसार संशोधित पेंशन का एरियर 1 अप्रैल 2026 से बराबर किस्तों में देने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इन्हें लागू नहीं किया गया। 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक के पे-स्केल का बकाया तैयार करके पेंशनरों और कर्मचारियों को दिया जाना था। यह भुगतान अप्रैल 2026 से हर महीने की पेंशन के साथ बराबर किस्तों में बैंक खातों में जमा होना था।
एसोसिएशन के अनुसार संबंधित तहसीलदारों और बिल क्लर्कों द्वारा अप्रैल से अगस्त तक बकाया राशि के बिल तैयार ही नहीं किए गए। इस संबंध में तहसीलदारों को बार-बार बकाया बिल बनाने के लिए कहा गया। पहले 17 अगस्त, फिर 7 सितंबर और अंत में 21 सितंबर को लिखित रूप में कहा गया कि यदि 28 सितंबर तक बकाया बिल तैयार करके खातों में राशि नहीं डाली गई तो 30 सितंबर को रोष धरना दिया जाएगा।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि पास हो चुके मेडिकल बिलों का भी अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। ये बिल 3 अगस्त से कार्यालयों में लंबित पड़े हैं।
एसोसिएशन ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही तथा जानबूझकर परेशान करने के आरोप लगाते हुए रोष जताया। धरने के दौरान एसोसिएशन नेताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता तथा कमाई वाली सीटों की कथित तौर पर बोली लगती है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये खर्च करके कर्मचारी ऐसी सीटों पर तैनात होते हैं और बाद में विभिन्न कामों के नाम पर लोगों से पैसे वसूल किए जाते हैं।
एसोसिएशन ने सब-रजिस्ट्रार की सीट पर तैनात किए गए कानूनगो और रजिस्ट्री क्लर्कों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया गया कि रजिस्ट्री क्लर्क कथित तौर पर तीन-चार लाख रुपये देकर ऐसी सीटों पर लगते हैं और बाद में एनओसी आदि के नाम पर वसीका नवीसों तथा दलालों के माध्यम से लोगों से पैसे वसूल किए जाते हैं। एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि इसमें स्थानीय नेताओं की कथित हिस्सेदारी होती है और उनकी पसंद के बिना कमाई वाली सीटों पर तैनाती संभव नहीं होती।
इसके अलावा एसोसिएशन ने नए असला लाइसेंस के लिए कथित तौर पर दो-तीन लाख रुपये फीस लिए जाने तथा उच्च अधिकारियों के निजी गनमैनों द्वारा शाम के समय कथित वसूली किए जाने के भी आरोप लगाए।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि स्थानीय कानूनगो से पदोन्नत हुए तहसीलदार ही कर्मचारियों को परेशान करने में सक्रिय हैं। उनके अनुसार पेंशनरों का कोई भी काम आसानी से नहीं किया जाता और इसी कारण बकाया बिल समय पर तैयार नहीं हो सके। एसोसिएशन ने दावा किया कि संबंधित तहसीलदार 7 सितंबर से छुट्टी पर हैं।
एसोसिएशन ने एक युवक के साथ कथित विवाद का भी जिक्र किया। आरोप लगाया गया कि दरखास्त मार्क करवाने आए युवक के साथ तहसीलदार का विवाद हुआ और युवक की शर्ट फाड़ दी गई। बाद में तहसीलदार ने अपनी शर्ट फाड़कर युवक के खिलाफ सरकारी काम में दखलअंदाजी का मामला दर्ज करवा दिया। एसोसिएशन के अनुसार युवक की दरखास्त केवल पटवारी हलका डगरू को रिपोर्ट के लिए मार्क करनी थी। एसोसिएशन ने इसे कार्यालय के कर्मचारियों और आम लोगों पर दबदबा बनाने का प्रयास बताया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एसोसिएशन ने कहा कि आम जनता और कर्मचारी वर्ग मौजूदा सरकारी व्यवस्था से काफी परेशान हैं तथा उनके अनुसार समय पर और बिना रिश्वत के सरकारी काम करवाना मुश्किल हो गया है। इस दौरान कोट ईसे खां की एसएचओ सुनीता बावा का भी उल्लेख किया गया और पुलिस तथा राजनीतिक स्तर पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए। ये आरोप भी एसोसिएशन की ओर से लगाए गए हैं।
धरने में एसोसिएशन के सभी सदस्यों ने भाग लिया और कथित रूप से लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
इस अवसर पर एसोसिएशन सदस्यों के अलावा भूपिंदर सिंह दौलतपुरा प्रधान, लखवीर सिंह संधू, हरनेक सिंह, हरजीत सिंह मनावा, गुरमीत सिंह संधू किसान यूनियन लाखोवाल, मलकीत सिंह पूर्व सरपंच संधुआं वाला, गुरनाम सिंह जैतो और अजीत सिंह धर्मकोट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।






