भाषा विभाग पंजाब की संगीत संध्या को याकूब और रंगले सरदारां ने बनाया यादगार
पटियाला, 5 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): भाषा विभाग, पंजाब की ओर से ‘पंजाबों बाहर’ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत देहरादून स्थित स. भगवान सिंह यूनिवर्सिटी, बालावाला में एक संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रसिद्ध सूफी गायक याकूब और सांस्कृतिक गायकी के लिए प्रसिद्ध रंगले सरदारां की टीम ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के सांस्कृतिक सचिव श्री जुगल किशोर पंत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। गौरव भारती शिक्षा संस्थान की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य प्रो. ए.एस. बराड़, संस्थान के चेयरमैन एस.पी. सिंह और अध्यक्ष प्रो. गौरवजीत सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के अलावा देहरादून में रहने वाले पंजाबी समुदाय ने भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मेजबान यूनिवर्सिटी के उपकुलपति डॉ. जे. कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।
संगीत संध्या की शुरुआत अमृतसर से पहुंचे सूफी गायक याकूब ने अपनी मधुर आवाज में की। उन्होंने ‘आवो नी सइयो मैं वर पाया..’, ‘लंबी जुदाई’, ‘कतिया करूं तेरी रूं’, ‘दिल नहीं लगदा मेरा..’, ‘सज्जणां दा सहारा ए..’ और ‘कावां सुन कावां..’ जैसे गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दर्शकों की फरमाइश पर याकूब ने ‘दमा दम मस्त कलंदर’ की प्रस्तुति के साथ अपने कार्यक्रम का समापन किया।
इसके बाद ‘रंगले सरदारां’ की टीम ने आजम खान के नेतृत्व में मंच संभाला। टीम के अन्य कलाकारों सबर सिंह खोखर, जसकरण गिल और मनिंदर बराड़ ने मिलकर अपने चर्चित गीत ‘कौन किसे दा करदा ए..’ से प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘दुनिया सुनदी ऐ..’, ‘शुदैण कर ता..’, ‘दो तारा वजदा वे..’, ‘आ जा दोवें नच्चीए..’ और ‘पिंड दियां मुंडियां दी..’ सहित कई गीत पेश किए, जिन पर दर्शक जमकर झूमे।
रंगले सरदारां की टीम ने बोलियों की प्रस्तुति देकर संगीत संध्या को चरम पर पहुंचाया और कार्यक्रम का समापन किया। मंच संचालन शोध अधिकारी डॉ. सुखदर्शन सिंह चहल ने किया।
इस अवसर पर भाषा विभाग पंजाब के निदेशक जसवंत सिंह जफर ने अतिथियों और कलाकारों को विभागीय शॉल एवं पुस्तकों के सेट भेंट कर सम्मानित किया। मेजबान यूनिवर्सिटी के मैनेजर जोरावर सिंह और सहायक निदेशक अमरिंदर सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के भाषा अधिकारी डॉ. अजीतपाल सिंह जटाणा (मोगा), मनजीत पुरी (फरीदकोट) और डॉ. संदीप शर्मा (लुधियाना), प्रिं. राजेश मोहन (फरीदकोट), शिरोमणि कवि दर्शन बुट्टर, बलविंदर संधू, शोध अधिकारी डॉ. संतोष सिंह, डॉ. सुखदर्शन सिंह चहल, डॉ. मनजिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, लेखक कुमार जगदेव सिंह बराड़ सहित कई डेलीगेट्स और लेखक मौजूद रहे।





