राजपुरा,5 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और पीड़ितों को न्याय दिलाना आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय या मानवाधिकारों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पीड़ित व्यक्ति की आवाज को हर हाल में सुना जाएगा।
राजपुरा में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों के साथ लोगों की शिकायतें सुनने के अवसर पर पद्मश्री शंटी ने कहा कि “यह जनता की अदालत है।” उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर यहां आता है, उसकी बात को गंभीरता से सुनना और उसे न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने अधिकारों के लिए किसी भी तरह डरने या झिझकने की जरूरत नहीं है।
पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने एडीसी जनरल अनुप्रिता जौहल, एसडीएम गुरदेव सिंह धम, डीएसपी रशपाल सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, बिजली विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागों के कामकाज का मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से जायजा लिया गया और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य और चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग द्वारा सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए भी मानवाधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। इनके तहत अस्पतालों में उचित शवगृह सुविधाओं और एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि मृतक व्यक्तियों, विशेष रूप से लावारिस और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित मामलों में मृतक देह का सम्मानजनक ढंग से प्रबंधन करना अस्पतालों की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में नि:शुल्क या सहायता प्राप्त अंतिम संस्कार या दफनाने की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
पद्मश्री शंटी ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण, सुरक्षा सुविधाएं और बीमा कवर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि उनके जीवन और स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता न हो।
विदेश भेजने के नाम पर लोगों के साथ हो रही ठगी का गंभीर नोटिस लेते हुए पद्मश्री शंटी ने कहा कि झूठे वीजा, जाली ऑफर लेटर और विदेश भेजने का झांसा देकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ठगों द्वारा लोगों की मेहनत की कमाई लूटने के मामले किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों को कानून के कटघरे में लाने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न लोगों द्वारा अपनी समस्याएं और शिकायतें भी पद्मश्री शंटी के ध्यान में लाई गईं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का तुरंत निपटारा करने और लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए निर्देश जारी किए। एडीसी जनरल अनुप्रिता जौहल ने भरोसा दिलाया कि मानवाधिकार आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाएगा और लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
लोगों के बड़े एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि मानवाधिकार आयोग द्वारा राज्य में मानवाधिकारों की रक्षा और उल्लंघन से संबंधित मामलों पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार मिले मूल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पद्मश्री शंटी ने प्रशासन द्वारा लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मानवता की भलाई और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी मानवाधिकारों का हनन होता है या किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो वे अपनी शिकायत लिखित रूप में मानवाधिकार आयोग तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों पर दो दिनों के अंदर कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए 9855475547 नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर मानवाधिकारों से संबंधित शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।