Sunday, October 11, 2026
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे का तीसरा दिन

सिंगापुर की कंपनियों के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस, सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक निवेश पर विस्तृत चर्चा

चंडीगढ़, 6 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के सिंगापुर दौरे के तीसरे दिन मंगलवार को सिंगापुर बिजनेस फोरम के तहत महत्वपूर्ण राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक दर्जन से अधिक सिंगापुर की कंपनियों के प्रतिनिधियों, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के पदाधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा का लक्ष्य सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, वेयरहाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के अलावा पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार के अगले ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करना सरकार का उद्देश्य है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने Data Centre Policy-2026 भी तैयार की है। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हरियाणा के पास विशेष बढ़त है।

राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भले ही सिंगापुर और हरियाणा भौगोलिक रूप से अलग हैं, लेकिन दोनों की सोच और प्राथमिकताएं काफी हद तक समान हैं। सिंगापुर इनोवेशन, दक्षता और वैश्विक कनेक्टिविटी का केंद्र है, जबकि हरियाणा के पास उद्यमिता, मैन्युफैक्चरिंग और बाजार तक पहुंच की मजबूत क्षमता है। इन दोनों क्षमताओं का मेल आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर की कंपनियों ने भारत में टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अब लक्ष्य इस मजबूत संबंध को हरियाणा और उत्तर भारत में नए निवेश अवसरों, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साझा विकास के जरिए आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल हरियाणा की ताकत बताने नहीं आए हैं, बल्कि ऐसा भविष्य बनाने के लिए साझेदारी चाहते हैं, जिसमें हरियाणा उत्तर भारत के सबसे भरोसेमंद, आधुनिक और तेजी से आगे बढ़ते बिजनेस डेस्टिनेशन में शामिल हो।

गुरुग्राम के साथ टियर-2 शहरों पर भी फोकस

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और आईटी-इनेबल्ड सर्विसेज को बड़े अवसर वाला क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम आज देश के प्रमुख कॉरपोरेट और टेक्नोलॉजी हब में शामिल है। यहां कई ग्लोबल कंपनियां, मल्टीनेशनल कॉरपोरेशन और GCC सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की सोच केवल गुरुग्राम तक सीमित नहीं है। पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे टियर-2 शहरों को भी GCC और टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार के अगले ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन शहरों में कंपनियों को प्रतिस्पर्धी लागत, कुशल प्रतिभा और बेहतर जीवन गुणवत्ता का लाभ मिलेगा। हरियाणा कई स्थानों, मजबूत कनेक्टिविटी, कुशल मानव संसाधन और उत्तर भारत के विशाल टैलेंट पूल तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराता है।

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में निवेश का न्योता

इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में इस क्षेत्र का इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है। हरियाणा की रणनीतिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग बेस तथा एनसीआर से निकटता इसे इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त गंतव्य बनाती है।

उन्होंने सिंगापुर की कंपनियों से आग्रह किया कि वे मैन्युफैक्चरिंग, कंपोनेंट्स, सप्लाई चेन, रिसर्च या टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए हरियाणा को संभावित निवेश साझेदार के रूप में देखें।

डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का प्रमुख आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही डेटा स्टोरेज, क्लाउड सर्विसेज और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

एनसीआर के केंद्र में स्थित होने के कारण हरियाणा इस क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Data Centre Policy-2026 को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य निवेशकों को जमीन, भरोसेमंद बिजली, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सहयोग के साथ स्थिर, पारदर्शी और पूर्वानुमान योग्य कारोबारी माहौल उपलब्ध कराना है।

ग्रीन एनर्जी में सहयोग की व्यापक संभावनाएं

ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर की कंपनियों के पास सतत विकास और ग्रीन ग्रोथ का वैश्विक अनुभव है। हरियाणा में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा दक्षता, वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि सिंगापुर की तकनीक और विशेषज्ञता को हरियाणा की औद्योगिक क्षमता और बाजार की मांग के साथ जोड़कर ग्रीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के नए और सफल मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।

मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में हरियाणा की बढ़त

मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में हरियाणा के विशेष लाभों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य दिल्ली-एनसीआर के केंद्र में स्थित है और देश के प्रमुख बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी रखता है।

राज्य में औद्योगिक एस्टेट, एक्सप्रेसवे, हाईवे, डेडिकेटेड फ्रेट कनेक्टिविटी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत नेटवर्क उपलब्ध है। ऐसे में उत्तर भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर या सप्लाई चेन बेस स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए हरियाणा एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है।

फाइनेंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी नए अवसर

फाइनेंस, निवेश और टेक्नोलॉजी आधारित कारोबारों के लिए भी राज्य में लगातार नए अवसर तैयार हो रहे हैं। गुरुग्राम पहले से ही प्रमुख कॉरपोरेट और वित्तीय केंद्र है। अब इसे ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज, फिनटेक, डिजिटल एंटरप्राइज और क्षेत्रीय मुख्यालयों के लिए और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा, स्किलिंग और टैलेंट डेवलपमेंट को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश केवल जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर सफल नहीं होता। उद्योगों को प्रशिक्षित और भविष्य के लिए तैयार मानव संसाधन की भी जरूरत होती है। इसलिए उद्योगों के साथ मिलकर स्किल डेवलपमेंट, रिसर्च और इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कंपनियों से कहा कि हरियाणा केवल एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि उत्तर भारत में ग्रोथ, इनोवेशन और विस्तार का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बनना चाहता है। सरकार चाहती है कि सिंगापुर की कंपनियां हरियाणा को अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस, GCC लोकेशन, लॉजिस्टिक्स हब, टेक्नोलॉजी सेंटर और क्षेत्रीय बिजनेस मुख्यालय के रूप में देखें। ETEC जैसे संभावित निवेश भी इसी व्यापक साझेदारी का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे निवेशों से स्थानीय इकोसिस्टम, सप्लाई चेन, टैलेंट डेवलपमेंट और भविष्य के विस्तार के अवसर भी तैयार होंगे।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि वे हरियाणा में अवसर और तकनीक लेकर आएं, जबकि निवेश को सुगम बनाने और समय पर उसे लागू कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि उनकी टीम जमीन, मंजूरियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभा और नीतिगत सहयोग जैसी जरूरतों को समझकर हर स्तर पर सहायता करेगी।

मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया कि सिंगापुर से आने वाले प्रत्येक निवेशक को हरियाणा में निर्णय लेने में तेजी, क्रियान्वयन में विश्वसनीयता और शासन में विश्वास का अनुभव हो।

अंत में मुख्यमंत्री ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन और सभी भागीदारों का सार्थक बातचीत के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बातचीत नई साझेदारियों, नए प्रोजेक्ट्स और हरियाणा-सिंगापुर आर्थिक संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत करेगी।

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