जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय तीरंदाज ने अपना ही एशियाई रिकॉर्ड छह अंकों से सुधारा, पायल नाग के साथ भारतीय महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में पहले स्थान पर
नागोया/जापान, 19 अक्टूबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सोमवार को शीतल ने 720 में से 704 अंक हासिल किए और इस प्रदर्शन के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। उनके इस प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में भारत की शुरुआत को खास बना दिया।
जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल ने 72 तीरों के मुकाबले में 57 बार 10 अंक हासिल किए। इनमें 32 निशाने लक्ष्य के सबसे भीतरी स्कोरिंग क्षेत्र यानी ‘एक्स’ में लगे। तीरंदाजी में एक्स स्कोर सटीक निशाने को दर्शाता है और बराबर अंकों की स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अपने पुराने एशियाई रिकॉर्ड से छह अंक आगे निकलीं शीतल
शीतल देवी ने इससे पहले मार्च 2026 में 698 अंक हासिल कर एशियाई रिकॉर्ड बनाया था। अब 704 अंकों के साथ उन्होंने अपने ही पुराने रिकॉर्ड को छह अंकों से बेहतर कर दिया है। विश्व रिकॉर्ड भी 704 अंकों का है, जिसे तुर्किये की ओजनुर गिर्दी ने 2024 के पेरिस पैरालंपिक खेलों में बनाया था। इस तरह शीतल ने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए नया एशियाई मानक स्थापित किया।
पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं शीतल ने एशियाई पैरा गेम्स में भी अपनी निरंतरता साबित की है। वर्ष 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने महिला व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक तथा युगल स्पर्धा में एक रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में उनका क्वालीफाइंग स्कोर 680 अंक था, जिसे उन्होंने अब काफी पीछे छोड़ दिया है।
पायल नाग ने भी दिखाया दम, भारतीय टीम क्वालीफिकेशन में अव्वल
भारतीय तीरंदाज पायल नाग ने भी महिला कंपाउंड क्वालीफाइंग राउंड में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 675 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। शीतल और पायल के संयुक्त 1,379 अंकों ने भारत को महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन तालिका में शीर्ष स्थान दिलाया।
भारत ने इस मुकाबले में चीन को पीछे छोड़ा, जिसने 1,338 अंक हासिल किए। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने टीम को सीधे सेमीफाइनल में जगह दिलाई। अब भारतीय जोड़ी का सामना थाईलैंड और कजाकिस्तान के बीच होने वाले क्वार्टरफाइनल मुकाबले के विजेता से होगा।
व्यक्तिगत रिकॉर्ड से टीम की बढ़त तक, भारत की नजरें पदक पर
शीतल देवी का 704 अंकों का प्रदर्शन व्यक्तिगत स्तर पर बड़ी उपलब्धि है, जबकि पायल नाग के साथ भारतीय टीम का शीर्ष पर रहना देश की पदक उम्मीदों के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्वालीफाइंग राउंड में अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ियों को अगले दौर में बेहतर वरीयता दिलाता है, लेकिन अंतिम पदक का फैसला आगे होने वाले मुकाबलों में होगा।
अब भारतीय टीम की नजरें सेमीफाइनल में अपनी जगह को जीत में बदलने और फाइनल तक पहुंचने पर रहेंगी। शीतल का रिकॉर्ड-बराबरी वाला प्रदर्शन और पायल का सहयोग भारत को महिला कंपाउंड स्पर्धा में मजबूत स्थिति में लेकर आया है।
शीतल देवी ने 704 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। अब देखना होगा कि क्या वह इस शानदार शुरुआत को पदक में बदल पाती हैं और भारतीय महिला कंपाउंड टीम प्रतियोगिता में अपनी बढ़त बरकरार रखती है।






