मोहाली, 04 नवंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गई है। जालंधर में लीग चरण के मुकाबले संपन्न होने के बाद अब मोहाली नॉकआउट मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है। बुधवार को ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबले खेले जाएंगे। इसके साथ ही यह स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मानचित्र पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है।
टूर्नामेंट के लीग चरण में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। जापान दूसरे, मलेशिया तीसरे, दक्षिण कोरिया चौथे, चीन पांचवें और बांग्लादेश छठे स्थान पर रहा। अब 4 नवंबर को मोहाली में निर्णायक मुकाबलों का आयोजन होगा।
दिन का पहला मुकाबला दोपहर 2 बजे चीन और बांग्लादेश के बीच पांचवें स्थान के लिए खेला जाएगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे पहला सेमीफाइनल जापान और मलेशिया के बीच होगा, जबकि शाम 7 बजे भारत और दक्षिण कोरिया की टीमें दूसरे सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी। दोनों सेमीफाइनल में पराजित होने वाली टीमों के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला होगा। टूर्नामेंट का फाइनल 5 नवंबर को खेला जाएगा।
छठी बार फाइनल में पहुंचने की दहलीज पर भारत
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। अब तक आयोजित आठ संस्करणों में भारत छह बार फाइनल में जगह बना चुका है। भारतीय टीम पांच बार खिताब अपने नाम कर चुकी है, जिसमें एक संयुक्त विजेता का खिताब भी शामिल है। इसके अलावा भारत एक बार उपविजेता रहा है।
मौजूदा प्रतियोगिता में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। टीम ने लीग चरण के सभी पांच मुकाबले जीतकर 34 गोल किए हैं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह नौ गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं।
अब सभी की निगाहें मोहाली में होने वाले भारत-दक्षिण कोरिया सेमीफाइनल पर टिकी हैं। भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाने और एक बार फिर चैंपियन बनने की होगी।






