पटियाला, 19 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाबी यूनिवर्सिटी कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स एसोसिएशन (पुक्टा) द्वारा अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए चलाए जा रहे संघर्ष के दौरान उस समय नई उम्मीद जागी, जब धरने पर बैठे अध्यापकों को यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी से जानकारी मिली कि 22 अक्टूबर को होने वाली सिंडिकेट बैठक में उनकी मांगों से संबंधित मामला विचार के लिए लाया जाएगा।
इसकी पुष्टि करते हुए पुक्टा के मीडिया सलाहकार डॉ. तेजिंदर पाल सिंह ने कहा कि बेशक यूनिवर्सिटी द्वारा आगामी 22 अक्टूबर को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में हमारा मुद्दा उठाया जाएगा, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रशासन द्वारा ऐसा बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है, जिसके जरिए यूजीसी रेगुलेशंस-2018 के अनुसार कॉन्ट्रैक्ट अध्यापकों को वेतन और बनते वित्तीय लाभ न दिए जा सकें। इसलिए रोष स्वरूप आज पुक्टा द्वारा रजिस्ट्रार दफ्तर और उप-कुलपति दफ्तर के बाहर रैली करके नारेबाजी की गई। अध्यापकों ने मांग की कि उनके लंबे समय से लटके मसलों का तुरंत हल किया जाए और उन्हें बनते सेवा-लाभ दिए जाएं।
पुक्टा के पूर्व प्रधान डॉ. दलबीर सिंह ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट अध्यापकों ने यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक प्रणाली को चलाने में लंबे समय से अहम योगदान दिया है। इसलिए उनकी मांगों को नजरअंदाज करना अध्यापक वर्ग के मनोबल को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को अध्यापकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसा हल निकालना चाहिए, जिससे उन्हें बनते लाभ मिल सकें और शैक्षणिक माहौल भी सुहाना बना रहे।

पुक्टा के कानूनी सलाहकार प्रो. सुरिंदर सिंह ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट अध्यापकों की मांगों पर विचार करते हुए यूजीसी रेगुलेशंस-2018, लागू नियमों और संबंधित अदालती फैसलों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट बैठक में मामला विचारते समय सभी कानूनी और सेवा-संबंधी पक्षों को गंभीरता से परखा जाना चाहिए, ताकि अध्यापकों की मांगों का ढुकवां (उचित) हल निकल सके।

पुक्टा नेताओं ने उम्मीद जताई कि 22 अक्टूबर की सिंडिकेट बैठक में कॉन्ट्रैक्ट अध्यापकों के मसलों के बारे में सकारात्मक फैसला लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कल यूनिवर्सिटी अधिकारियों के पुतले फूंक कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों संबंधी ठोस फैसला नहीं लिया जाता और उसे लागू नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।






