Wednesday, November 4, 2026
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पराली न जलाने वाले किसानों को जिला प्रशासन करेगा सम्मानित : उपायुक्त

पटियाला, 4 नवंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिले के किसानों से धान की पराली न जलाने और इसके उचित प्रबंधन के लिए उपलब्ध विभिन्न मशीनों का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पराली को बिना आग लगाए खेतों से बाहर निकालने अथवा खेतों में ही मिलाकर इसका उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि पिछले वर्षों के दौरान भी पटियाला जिले के अनेक किसानों को पराली का एक्स-सीटू और इन-सीटू विधियों से बिना जलाए प्रबंधन करने के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं भूमि की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए हॉटस्पॉट गांवों में ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम में लापरवाही बरतने वाले 22 क्लस्टर अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें निर्धारित समय के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत न करना, गलत रिपोर्टिंग करना तथा पहले पराली जलाने की घटनाएं सामने आ चुके स्थानों पर दोबारा आग लगने के मामले शामिल हैं। संबंधित अधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पटियाला पुलिस की ओर से पराली जलाने के मामलों में 9 पुलिस केस दर्ज किए गए हैं, जबकि राजस्व विभाग की ओर से राजस्व रिकॉर्ड में 10 रेड एंट्रियां दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, पराली जलाने वालों पर 55,000 रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 25,000 रुपये की वसूली की जा चुकी है।
उपायुक्त के निर्देशों पर सभी एसडीएम द्वारा नंबरदारों के साथ बैठकें कर उन्हें अपने-अपने गांवों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने तथा आग लगने की संभावित घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्कता बरतने को कहा गया है। इसके साथ ही एसडीएम द्वारा खेतों का दौरा कर किसानों से सीधा संपर्क किया जा रहा है और उन्हें फसल अवशेषों को खेतों में ही मिलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
एसडीएम समाना ऋचा गोयल ने डीएसपी फतेह सिंह बराड़ के साथ गांव बम्मणा, गाजेवास, फतेहगढ़ छन्ना और तलवंडी मलिक सहित अन्य गांवों का दौरा किया। उन्होंने बिना आग लगाए पराली का प्रबंधन करने वाले किसानों की सराहना की। एसडीएम पटियाला गुरदेव सिंह ने भी विभिन्न गांवों का दौरा कर नंबरदारों से अपने गांवों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। इस दौरान उनकी टीम ने गांव भानरा में खेतों में लगी आग बुझाने के लिए तत्काल कार्रवाई की।
इसी तरह एसडीएम राजपुरा रविंदर सिंह ने तहसील स्तर पर नंबरदारों के साथ बैठक कर उन्हें पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। एसडीएम दूधनसाधां हरजोत कौर मावी ने भी नंबरदारों के साथ बैठक करने के बाद विभिन्न गांवों का दौरा किया और किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया।
एसडीएम नाभा ए.पी.एस. सोमल ने नंबरदारों के साथ बैठक के दौरान कहा कि किसानों को पराली जलाने से रोकना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक वर्ग को अपना योगदान देना चाहिए। इसी तरह एसडीएम पातड़ां काला राम कंसल ने नंबरदारों से गांवों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने गांव खांग सहित आसपास के अन्य गांवों का दौरा कर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया।
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