कुरुक्षेत्र 21 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुरूप एक एडवाइजरी जारी की गई है। इस एडवाइजरी के अनुसार विद्यार्थियों की सुरक्षा, रैगिंग की रोकथाम तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले के होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते रोकना है। रैगिंग, विद्यार्थियों के उत्पीड़न और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जिला प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि एडवाइजरी के अनुसार, जिले के होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालक बिना अधिकृत अनुमति के विद्यार्थियों की पार्टियों के लिए बुकिंग स्वीकार न करें और न ही अपने परिसर में ऐसे आयोजनों के लिए स्थान उपलब्ध करवाएं। इसमें फ्रेशर्स पार्टी, वेलकम पार्टी और फेयरवेल पार्टी जैसे कार्यक्रम भी शामिल है। ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित शिक्षण संस्थान की आधिकारिक अनुमति लेना आवश्यक होगा। प्रशासन ने प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिए है कि किसी भी विद्यार्थी-केंद्रित कार्यक्रम की मेजबानी करने से पहले आयोजकों से उनके विश्वविद्यालय या कॉलेज के सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी लिखित अनुमति की जांच अवश्य करें। अनुमति संबंधी दस्तावेजों की पुष्टि किए बिना ऐसे आयोजनों को स्वीकृति देने से बचने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि एडवाइजरी में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के परिसर में सतर्क निगरानी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। यदि किसी प्रतिष्ठान में संदिग्ध रूप से विद्यार्थियों का जमावड़ा होता है या बिना अनुमति पार्टी आयोजित करने का प्रयास किया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए है ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों एवं संचालकों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा, शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना तथा शिक्षण संस्थानों के आसपास और व्यावसायिक परिसरों में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।






