हरियाणा, 23 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार अब स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा, कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रत्येक यात्रा के तहत 100-100 श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। अब तक इन तीनों यात्राओं के लिए हर साल 50-50 श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता दी जाती थी। इसके साथ ही इन यात्राओं के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण अब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ये निर्देश वीरवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत पर्यटन विभाग की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार करने और हरियाणा को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 50 हजार रुपये और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 20 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इन तीनों यात्राओं के लिए हर साल 50-50 श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री ने इन तीनों यात्राओं के लिए श्रद्धालुओं की संख्या सालाना 50-50 से बढ़ाकर 100-100 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए और इसी के माध्यम से पंजीकरण किया जाए। केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही वित्तीय सहायता का लाभ दिया जाएगा।
डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा पर्यटन विभाग के पास 42 पर्यटन परिसर, 21 बैंक्वेट एवं कन्वेंशन हॉल, 35 कॉन्फ्रेंस हॉल, 842 वातानुकूलित कमरे, 8 डॉर्मिटरी, 243 दुकानें और 1,192 एकड़ भूमि के रूप में पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। इसके अलावा, राज्य में होटल प्रबंधन के पांच संस्थान और 15 पेट्रोल पंप भी संचालित किए जा रहे हैं।
पर्यटन विभाग के प्रमुख स्थलों के पुनर्विकास के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग के महत्वपूर्ण स्थलों का आवश्यकता के अनुसार पुनर्विकास किया जाए। व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए जिन स्थलों को लीज या सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से संचालित किया जा सकता है, उन्हें निजी कंपनियों के सहयोग से विकसित करवाया जाए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेड इन इंडिया’ विजन के तहत पिंजौर में वेडिंग सिटी स्थापित करने, यमुनानगर में सूर्य मंदिर का नवीनीकरण करने, फरीदाबाद में गोल्फ कोर्स विकसित करने और जल क्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा देने के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
फार्म स्टे और होमस्टे से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2030 के तहत कृषि-पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए फार्म स्टे और होमस्टे इकाइयों के पंजीकरण, मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार की योजना में आवश्यक संशोधन किए जाएं।
उन्होंने राज्य में वर्तमान में पंजीकृत 38 फार्म स्टे और 11 होमस्टे की संख्या बढ़ाकर 100 करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पर्यटन से जुड़ी इकाइयों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने तथा पर्यटकों के लिए ग्रामीण जीवन, स्थानीय खान-पान और पारंपरिक अनुभवों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की योजना तैयार करने को कहा।
स्थानीय उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए पर्यटन सूचना केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित करने की योजना बनाई जाए।
इससे ग्रामीण उद्यमियों, महिलाओं और स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र और अन्य पर्यटन स्थलों पर इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाए।
मिलेट महोत्सव और जैविक फार्म स्टे से बढ़ेगा पर्यटन का आकर्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि-पर्यटन को नए अनुभवों से जोड़ने के लिए इसी वर्ष गुरुग्राम में मिलेट महोत्सव आयोजित करने की तैयारी की जाए। इसके माध्यम से मोटे अनाज, पारंपरिक खान-पान और कृषि-पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि खेतों में तैयार होने वाली सरसों और गेहूं की फसलों, नारनौल क्षेत्र में लिली फूलों तथा शाहाबाद के आसपास सूरजमुखी की खेती वाले स्थानों पर विशेष मेलों के आयोजन की योजना बनाई जाए, ताकि इन क्षेत्रों को भी पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणाओं, बजट घोषणाओं, संकल्प पत्र में किए गए वादों और सीएम ग्रीवेंस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने इन सभी विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।






