Wednesday, November 4, 2026
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आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे, शिक्षा की नींव होगी मजबूत: श्रुति चौधरी

हरियाणा, 23 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा):  हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि उनकी शिक्षा की मजबूत नींव रखकर उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।

उन्होंने कहा कि ‘आगे बढ़े बचपन’ की अवधारणा के तहत बच्चों की उम्र और सीखने की क्षमता के अनुसार रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) उपलब्ध करवाई गई है, जिससे बच्चे खेल, बातचीत और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आसानी से नई बातें सीख सकें।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि खेल-आधारित शिक्षा से बच्चों के भाषा और संचार कौशल में सुधार होता है। बच्चे सुनने, बोलने, अपने विचार व्यक्त करने और दूसरों की बात समझने की क्षमता विकसित करते हैं। इसके साथ ही उनकी सोचने-समझने, याद रखने, तर्क करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि रंगों, आकारों, गिनती, वर्गीकरण और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नए कौशल सीखने का अवसर मिलता है। समूह में खेलना और गतिविधियों में भाग लेना उन्हें मिल-जुलकर रहना, अपनी बारी का इंतजार करना, दूसरों के साथ सहयोग करना और सामाजिक व्यवहार सीखने में मदद करता है। ऐसी गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और स्वतंत्र रूप से काम करने की क्षमता को भी बढ़ावा देती हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-आधारित गतिविधियां बच्चों को स्कूल में प्रवेश के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे उनमें सीखने के प्रति रुचि विकसित होती है और वे आगे की औपचारिक शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रयास है कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए ऐसा आनंदमय और प्रेरणादायक वातावरण बनें, जहां वे खेलते हुए सीखें, अपनी प्रतिभा को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।

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