कैबिनेट मंत्री ने नवांगांव, अनदाना, बनारसी, खनौरी खुर्द, करौंदा और ठसका में आयोजित प्रकट दिवस समारोहों में की शिरकत
लहरागागा/मूनक/खनौरी, 26 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने भगवान वाल्मीकि जी के प्रकट दिवस के अवसर पर गांव नवांगांव, अनदाना, बनारसी, खनौरी खुर्द, करौंदा और ठसका में आयोजित धार्मिक समारोहों में शिरकत की। उन्होंने संगत को इस पावन अवसर की बधाई देते हुए भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने तथा आपसी प्रेम और भाईचारे को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी का जीवन दर्शन संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी महान रचना ‘रामायण’ हमें सत्य, नैतिकता, कर्तव्य और आदर्श जीवन के महत्व का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर हमें आत्मचिंतन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रेरणा देते हैं।
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी के प्रति सच्ची श्रद्धा उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए जरूरतमंदों की मदद करने, प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करने और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज की भलाई के लिए कार्य करने में है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक समारोहों के माध्यम से मिलने वाले मानवता और सद्भावना के संदेश को अपने परिवारों और समाज तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को महान गुरुओं एवं महापुरुषों के जीवन तथा शिक्षाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा, मेहनत और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करके ही एक जागरूक और खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में सेवा भावना, अनुशासन और बड़ों का सम्मान करने जैसे गुण विकसित करने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री ने विभिन्न गांवों में प्रकट दिवस समारोह आयोजित करने वाली प्रबंधक समितियों और संगत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समारोह लोगों को एक साथ बैठने और अपनी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान और भाईचारे की यही भावना समाज की असली ताकत है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री के पुत्र गौरव गोयल, उनकी पत्नी श्रीमती सीमा गोयल और नगर परिषद अध्यक्ष कांता गोयल ने भी अड़कवास, भाई की पिशौर, रायधराणा और बखोरा कलां सहित विधानसभा क्षेत्र लहरा के विभिन्न स्थानों पर आयोजित प्रकट दिवस समारोहों में शिरकत की और संगत के साथ इस पावन अवसर की खुशियां साझा कीं।






