Wednesday, November 4, 2026
HomeNationalचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का खतरा: ओडिशा के छह जिलों में शैक्षणिक संस्थान...

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का खतरा: ओडिशा के छह जिलों में शैक्षणिक संस्थान बंद, तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

भुवनेश्वर, 27 अक्टूबर 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के 28 अक्टूबर को तटीय इलाकों को प्रभावित करने की आशंका के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। राज्य के छह जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात के अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और अधिक तीव्र होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि यह 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवाओं की निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और तेज झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है।

ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

हालांकि तूफान के आंध्र प्रदेश और यानम के बीच तट पार करने की संभावना है, लेकिन ओडिशा में भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने और हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

मौसम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। विशेष रूप से तटीय और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।

मछली पकड़ने और पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध

ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। उनके अनुसार, जनहानि को न्यूनतम रखने के लिए राज्य की ‘जीरो कैजुअल्टी’ नीति के तहत तैयारियां की गई हैं।

सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित होने की आशंका वाले छह जिलों में समुद्र में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा लोगों को पहाड़ियों, झरनों, बांधों और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने से भी रोका गया है।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य तूफान के दौरान लोगों की जान-माल की रक्षा करना और संभावित नुकसान को कम करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों पर नजर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments