मुंबई, 04 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब एक ऐतिहासिक इंजीनियरिंग उपलब्धि की ओर बढ़ रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत महाराष्ट्र में समुद्र के नीचे रेल सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। यह सुरंग न केवल देश की पहली समुद्र के नीचे बनने वाली हाई स्पीड रेल सुरंग होगी, बल्कि भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे में तकनीकी विकास का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी साबित होगी।
नवी मुंबई के सावली क्षेत्र से शिलफाटा तक बन रहे इस प्रोजेक्ट में समुद्र के नीचे लगभग 7 किलोमीटर लंबा सुरंग खंड शामिल है। निर्माण कार्य समुद्र तल से करीब 114 मीटर नीचे किया जा रहा है। इतनी गहराई लगभग 35 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर मानी जा सकती है। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में करीब 1,200 इंजीनियर और श्रमिक जुटे हुए हैं। अत्यधिक गर्मी, नमी और सीमित जगह के बावजूद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।
3,000 टन की मशीन से हो रही खुदाई
समुद्र के नीचे सुरंग बनाने के लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जा रहा है। लगभग 3,000 टन वजन वाली यह विशाल मशीन चट्टानों और मिट्टी की परतों को काटते हुए सुरंग का रास्ता तैयार कर रही है। इसके साथ ही सुरंग की दीवारों को मजबूत बनाने के लिए विशेष कंक्रीट सेगमेंट लगाए जा रहे हैं, ताकि पानी के दबाव और भूगर्भीय चुनौतियों का सामना किया जा सके।
परियोजना के तहत सावली से शिलफाटा के बीच लगभग 4.8 किलोमीटर का अतिरिक्त सुरंग खंड भी तैयार किया जा चुका है। समुद्र के नीचे निर्माण का काम इस पूरे कॉरिडोर के सबसे जटिल हिस्सों में से एक माना जा रहा है।
एक ही सुरंग में दोनों दिशाओं में दौड़ेंगी ट्रेनें
इस परियोजना की एक खास तकनीकी विशेषता यह है कि समुद्र के नीचे दोनों दिशाओं में चलने वाली बुलेट ट्रेनों के लिए एक ही बड़े व्यास वाली सुरंग बनाई जा रही है। इसमें दो अलग-अलग रेल ट्रैक होंगे, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच दोनों दिशाओं में हाई स्पीड ट्रेनें संचालित हो सकेंगी।
समुद्र के नीचे ट्रेन की परिचालन गति लगभग 180 से 280 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की जानकारी दी गई है, जबकि खुले ट्रैक पर इसकी अधिकतम डिजाइन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इससे यात्रियों को कम समय में लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी।
यह परियोजना भारत में आधुनिक सुरंग निर्माण तकनीक, हाई स्पीड रेल परिवहन और इंजीनियरिंग क्षमता के विस्तार का प्रतीक बन रही है। इसके पूरा होने के बाद मुंबई-अहमदाबाद के बीच तेज, आधुनिक और सुविधाजनक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा सकेगा।






