चंडीगढ़, 28 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में 3 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों तक ‘चिरायु’ स्वास्थ्य योजना के लाभों का विस्तार किया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की 13 अक्टूबर, 2026 की अधिसूचना के अनुसार, ‘चिरायु विस्तार योजना’ 1 नवंबर, 2026 से लागू होगी।
इस विस्तारित योजना के तहत पात्र परिवार मामूली वार्षिक योगदान देकर प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इस विस्तार से मध्यम और उच्च आय वर्ग के अधिक परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले खर्चों से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
योजना के अनुसार, 3 लाख रुपये से अधिक और 6 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले परिवारों को प्रति वर्ष 4,000 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवारों को 5,000 रुपये प्रति वर्ष का योगदान देना होगा। पात्र परिवार सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्राप्त करने के हकदार होंगे। पात्रता की जांच परिवार पहचान पत्र (PPP) डेटाबेस के माध्यम से की जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस विस्तार से लोगों की जेब से होने वाले चिकित्सा खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी और अचानक उत्पन्न होने वाली चिकित्सा आपात स्थितियों का सामना कर रहे परिवारों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। मौजूदा आय श्रेणियों से आगे कवरेज का विस्तार करके सरकार का उद्देश्य हरियाणा के अधिक से अधिक निवासियों तक गुणवत्तापूर्ण अस्पताल सेवाएं पहुंचाना है।
यह योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के ढांचे का अनुसरण करती है और इसमें द्वितीयक एवं तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। योजना के अंतर्गत 2,694 उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सर्जिकल प्रक्रियाएं, चिकित्सा उपचार और डे-केयर प्रक्रियाएं आती हैं। लागू पैकेजों के तहत निर्धारित दवाओं और जांच सेवाओं का खर्च भी कवर किया गया है।
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें पात्र परिवार के आकार या उसके सदस्यों की आयु की कोई सीमा नहीं है। पहले से मौजूद सभी बीमारियां भी कवर की गई हैं। उपचार के तहत अस्पताल में भर्ती होने से तीन दिन पहले तक की जाने वाली जांचों और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिनों तक होने वाले पात्र चिकित्सा खर्चों को भी शामिल किया गया है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि लाभार्थी राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के तहत भारत में कहीं भी सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार करवा सकते हैं। लाभार्थियों की शिकायतों के निपटारे के लिए जिला और राज्य, दोनों स्तरों पर शिकायत निवारण तंत्र काम करेगा। अस्पताल में भर्ती होते समय लाभार्थियों को अपना आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड नंबर या पीपीपी आईडी देनी होगी।
नामांकन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया गया है। पात्र परिवार आधिकारिक पोर्टल https://chirayuayushmanharyana.in/ के माध्यम से अपने वार्षिक योगदान का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी डेटाबेस एकीकरण के लिए सीआरआईडी (CRID) हरियाणा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ पात्र लाभार्थियों तथा सफल भुगतान का विवरण साझा करेगी।
लाभार्थी कार्ड सरकारी अस्पतालों, कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC), गांव स्तर पर कार्यरत सीएससी ऑपरेटरों और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से बनाए जाएंगे। प्रत्येक कार्ड एक वर्ष के लिए वैध होगा। इसकी पॉलिसी अवधि 1 नवंबर से अगले वर्ष 31 अक्टूबर तक रहेगी। सरकार आने वाले वर्षों के लिए भुगतान की समय-सीमा निर्धारित करके इसकी घोषणा करेगी।
अधिसूचना में कुछ छूट और अपवाद भी निर्धारित किए गए हैं। केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS), रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं या चिकित्सा परिचर्या योजनाओं के साथ-साथ सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर्गत कवर किए गए व्यक्ति इस योजना के पात्र नहीं होंगे।
हरियाणा सरकार के कर्मचारी, राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके आश्रित, जो सरकार से चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइंबर्समेंट) या कैशलेस उपचार के हकदार हैं, वे भी इस योजना से बाहर रहेंगे। इसी प्रकार, अन्य राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के कर्मचारी, पेंशनभोगी तथा उनके आश्रित, यदि अपनी संबंधित सरकारों से चिकित्सा लाभ प्राप्त कर रहे हैं, तो वे भी पात्र नहीं होंगे।
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को भारत सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित और संशोधित प्रावधानों के अनुसार वय वंदना योजना के तहत कवर किया जाएगा।
यह विस्तार 1.80 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की सत्यापित वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए मौजूदा चिरायु व्यवस्था को आगे बढ़ाता है। इस आय वर्ग के परिवार प्रति परिवार प्रति वर्ष 1,500 रुपये का भुगतान करके योजना का लाभ उठा सकते हैं।
1 नवंबर (हरियाणा दिवस) से लागू होने वाले इन नए प्रावधानों के साथ यह विस्तार राज्य सरकार के उस प्रयास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत किफायती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना और आबादी के बड़े हिस्से को अस्पताल में भर्ती होने के खर्चों से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।