पंचकूला , 1 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): पंचकूला के एक स्कूल में विशेष आवश्यकता वाले एक छोटे बच्चे के साथ हुई घटना पर हरियाणा सरकार ने गंभीर संज्ञान लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण के मामले में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार पीड़ित बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है और इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ परिवार के साथ खड़ी है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने बताया कि इस गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन पंचकूला की ओर से तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पुलिस आयुक्त द्वारा नामित पुलिस अधिकारी तथा एक विशेष शिक्षक या बाल मनोवैज्ञानिक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच कमेटी घटना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की गंभीरता से जांच करेगी। इसमें घटना के पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से जांच करना, कक्षा के शिक्षकों, सहायकों और विशेष शिक्षकों की ड्यूटी के दौरान उपस्थिति तथा उनकी जवाबदेही तय करना शामिल है।
इसके अलावा, कमेटी यह भी जांच करेगी कि स्कूल परिसर में सुरक्षा और निगरानी के नियमों के पालन में कहां चूक हुई। बच्चे को समय पर प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने में कितनी देरी हुई तथा क्या स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षा मंत्रालय के स्कूल सुरक्षा एवं संरक्षण दिशा-निर्देश (2021) और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act, 2016) के प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया गया था या नहीं।
जांच कमेटी को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन बच्चे के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। परिवार की सहायता के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को भी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही पुलिस अपनी स्वतंत्र जांच कर रही है और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act, 2015) के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
कानून की धारा 74 के तहत बच्चे और स्कूल की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है, ताकि परिवार को किसी भी तरह की मानसिक या सामाजिक क्षति न पहुंचे।
शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा के निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग अब पंचकूला सहित पूरे हरियाणा के स्कूलों में व्यापक सुरक्षा ऑडिट करवाएगा। इस ऑडिट के दौरान विशेष रूप से छोटे बच्चों और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की देखभाल, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की सक्रियता और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
राज्य सरकार और प्रशासन ने आम जनता तथा मीडिया से अपील की है कि वे इस घटना से संबंधित कोई भी वीडियो या बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी साझा न करें। किशोर न्याय अधिनियम के तहत ऐसा करना दंडनीय अपराध है।
सरकार ने दोहराया है कि वह पीड़ित बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य और उपचार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






