चंडीगढ़, 1 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के वीरों की भूमिका, इतिहास, शौर्य और स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। अंबाला में 1857 की प्रथम क्रांति के अमर शहीदों की याद में निर्मित भव्य शहीदी स्मारक का उद्घाटन 5 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह जानकारी आज चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास ‘कबीर कुटीर’ में आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक सोसायटी की गवर्निंग काउंसिल की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीदी स्मारक केवल एक इमारत या ऐतिहासिक परिसर नहीं है, बल्कि देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के अद्वितीय साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने के साथ-साथ उनमें देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन और उद्घाटन समारोह की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य जरूरी प्रबंधों में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने स्मारक परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उद्घाटन समारोह की तैयारियों और स्मारक से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं की प्रगति से अवगत करवाया।
22 एकड़ में फैला भव्य स्मारक, 23 अत्याधुनिक दीर्घाओं में प्रदर्शित होगी स्वतंत्रता संग्राम की गाथा
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 22 एकड़ में विकसित यह राष्ट्रीय स्तर का शहीदी स्मारक 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति के महान योद्धाओं और उनके सर्वोच्च बलिदान को समर्पित है। स्मारक में बनाई गई 23 अत्याधुनिक दीर्घाओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की महत्वपूर्ण घटनाओं, वीर योद्धाओं के संघर्ष और उनके बलिदान को आधुनिक एवं आकर्षक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह स्मारक इतिहास प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। यहां नई पीढ़ी न केवल स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को करीब से समझ सकेगी, बल्कि उन वीरों के जीवन से प्रेरणा भी ले सकेगी, जिन्होंने राष्ट्र की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
हरियाणा के ऐतिहासिक स्थलों को जोड़कर बनाया जाएगा विशेष पर्यटन सर्किट
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती का इतिहास बहादुरी, बलिदान और गौरवशाली परंपराओं से समृद्ध रहा है। प्रदेश में अनेक ऐसे ऐतिहासिक स्थल और स्मारक हैं, जिनका राष्ट्रीय इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान है। इन सभी धरोहरों को व्यापक पहचान दिलाने और पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश के विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों को आपस में जोड़कर एक विशेष ‘स्मारक पर्यटन सर्किट’ विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से पर्यटकों को हरियाणा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले विभिन्न स्थलों को एक साथ देखने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट का किया शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शहीद स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए ऐतिहासिक विरासत को आम जनता तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
वेबसाइट के माध्यम से देश-विदेश के लोग स्मारक के इतिहास, इसकी विभिन्न दीर्घाओं, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से घर बैठे परिचित हो सकेंगे। इसके साथ ही उद्घाटन समारोह से संबंधित लाइव अपडेट भी प्राप्त कर सकेंगे और इसके माध्यम से ऑनलाइन टिकट भी बुक कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मारक के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और अन्य संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक धरोहर के बारे में जान सकें और यहां आने के लिए प्रेरित हों।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल, बिजली निगम की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग, निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी.बी. भारती, शहीद स्मारक के निदेशक डॉ. कुलदीप सैनी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






