कुरुक्षेत्र, 2 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि हरियाणा की हीरक जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी प्रदेश के 60 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, संघर्ष, उपलब्धियों और भविष्य के विजन को एक साथ दर्शा रही है। यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि हरियाणा के स्वाभिमान और प्रगति का जीवंत दस्तावेज है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कुरुक्षेत्र में लगाई गई इस प्रदर्शनी को नागरिकों का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिल रहा है। केवल दूसरे दिन हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया है। यह प्रदर्शनी 4 नवंबर तक चलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को 7 प्रमुख खंडों में विभाजित किया गया है, ताकि हर वर्ग को हरियाणा की समग्र प्रगति की जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि पहले खंड में प्रदेश के गठन, इतिहास और 6 दशकों का परिवर्तन को शामिल किया गया है। इस खंड में 1 नवम्बर 1966 को हरियाणा के गठन से लेकर अब तक के 60 वर्षों के ऐतिहासिक पड़ावों, आंदोलनों और परिवर्तन को दुर्लभ तस्वीरों और तथ्यों के साथ दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे खंड में हरियाणा बनने के बाद से लेकर अब तक प्रदेश का नेतृत्व करने वाले सभी राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल, उनके महत्वपूर्ण निर्णयों और योगदान को क्रमबद्ध रूप से प्रदर्शित किया गया है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि 60 वर्षों की प्रगति में कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सडक़, बिजली, पानी जैसे सभी क्षेत्रों में हरियाणा ने जो छलांग लगाई है, उसे आंकड़ों और तुलनात्मक चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि नई पहल, नई पहचान, नए कीर्तिमान का अलग से जोन तैयार किया गया है। इस विशेष जोन में उन योजनाओं और उपलब्धियों को शामिल किया गया है, जिनमें हरियाणा देश में पहले स्थान पर रहा है। चाहे वह खेलों में पदक हो, जीएसटी संग्रह हो या ई-गवर्नेंस में नवाचार हो।

उन्होंने कहा कि प्रदेश ने जनकल्याण के चार स्तंभ माने हैं, जिन्हें प्रदर्शनी में शामिल किया है। इसमें किसान, महिला, युवा, बुजुर्ग शामिल हैं। इनसे जुड़ी सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है। प्रदेश ने समृद्धि के नए आयाम स्थापित किए हैं। हरियाणा किस प्रकार कृषि प्रधान राज्य से उद्योग, आईटी, स्टार्ट-अप और निर्यात के हब के रूप में उभरा है, इसे इस खंड में आधुनिक हरियाणा की तस्वीर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य का विजन तैयार किया है। अंतिम खंड में वर्ष 2047 तक विकसित हरियाणा के विजन को रखा गया है। इसमें ग्रीन एनर्जी, स्मार्ट गांव, अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों की झलक दिखाई गई है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि यह प्रदर्शनी विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने सभी स्कूल-कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आकर इस प्रदर्शनी को देखें और हरियाणा के गौरवशाली इतिहास से जुड़ें।






