कुरुक्षेत्र, 3 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य बाढ़ से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जाए और किसानों की फसलों व आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मारकंडा नदी कुरुक्षेत्र जिले के लिए संवेदनशील नदी है, इसलिए यहां बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालीन और स्थायी योजना बनाना जरूरी है। सभी प्राप्त प्रस्तावों को समेकित कर व्यवहार्यता रिपोर्ट के साथ हरियाणा सरकार की आगामी 58वीं एचएसडीआर एवं एफसीबी की राज्य स्तरीय बैठक में अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, ताकि समय रहते बजट और योजनाओं को स्वीकृति मिल सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा सोमवार को पंचायत भवन झासा में मारकंडा नदी के समीप स्थित सभी गांवों के बाढ़ नियंत्रण से संबंधित प्रस्तावों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी हरियाणा राज्य बाढ़ एजेंडा मीटिंग में जिले की तरफ से भेजे जाने वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप देना रहा। इस बैठक में मारकंडा नदी के दोनों किनारों पर बसे प्रभावित गांवों के सरपंचों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में एसडीएम पिहोवा डा. राहुल कनवारिया, एसडीएम शाहाबाद शंभू राठी, सिंचाई विभाग एक्सईएन मुनीष बब्बर भी मौजूद रहे।
बैठक में उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के समक्ष सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं, जल भराव, तटबंधों के कटाव, ड्रेनों की सफाई, स्टड और स्पर की मरम्मत, तथा निकासी व्यवस्था को मजबूत करने से संबंधित मांगों को रखा। कई सरपंचों ने मारकंडा नदी में गाद निकालने, नदी के किनारों को पक्का करने और नए बंध बनाने की मांग भी रखी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सभी सरपंचों की मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर गांव की मांग को प्रस्ताव में शामिल किया जाए। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारी, पंचायती राज विभाग के अधिकारी और सरपंच मौजूद रहे।






