Friday, November 6, 2026
HomeHaryanaकेंद्रीय गृह मंत्री ने अंबाला में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदी स्मारक...

केंद्रीय गृह मंत्री ने अंबाला में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदी स्मारक का किया उद्घाटन

अंबाला, 6 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भले ही धीरे-धीरे बोलते हों, लेकिन काम करने में बहुत तेज हैं। उन्होंने कहा कि श्री नायब सिंह सैनी तेजी से काम करने वाले मुख्यमंत्री हैं। श्री अमित शाह ने हरियाणावासियों से कहा कि जब वर्ष 2029 में भाजपा हरियाणा में जनता से वोट मांगने जाएगी, तो पार्टी अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी वादों और गारंटियों को पूरा करके जाएगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह वीरवार को अंबाला में आयोजित प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) के शहीदी स्मारक के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 10 मई, 1857 को क्रांतिकारी वीरों ने अंग्रेजों के शासन के विरुद्ध क्रांति का बिगुल बजाया था और देखते ही देखते यह क्रांति पूरे देश में आग की तरह फैल गई थी। पूरी दुनिया यह देखकर हैरान रह गई थी कि जिस अंग्रेजी सरकार का सूरज कहीं नहीं डूबता था, उसकी नींव हिलाकर रख देने वाला 1857 का स्वतंत्रता संग्राम जिस अंबाला की धरती से शुरू हुआ था, उस धरती को मैं बार-बार नमन करता हूं।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल, कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज, भाजपा की केंद्रीय प्रभारी श्रीमती स्मृति ईरानी और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता भी उपस्थित थीं।

श्री अमित शाह ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को अंग्रेजी सोच से प्रेरित वामपंथी विचारधारा वाले इतिहासकारों ने विद्रोह का नाम दिया। विद्रोह शब्द अंग्रेजों के लिए है। वीर सावरकर ने सही कहा था कि भारत माता की सभी संतानों के लिए यह क्रांति कोई विद्रोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का संग्राम था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 से लेकर 1947 तक 90 वर्षों का यह महान संघर्ष था, जिसमें असंख्य शहीदों ने अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया, तब जाकर हमें आजादी मिली। उन शहीदों के बलिदान के आधार पर ही आज हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की कल्पना कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज बाबू कुंवर सिंह को भी याद करने का अवसर है। उस वीर योद्धा ने 87 वर्ष की आयु में अंग्रेजों के साथ युद्ध लड़ा था। उनकी बाईं बांह में गोली लगी तो उन्होंने अपनी दाईं बांह से अपनी बाईं बांह काट दी। उन्होंने कहा कि यदि आपके अंदर खून ही नहीं है तो आप भारत माता की क्या सेवा करेंगे। उस बुजुर्ग वीर ने लड़ते-लड़ते अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

उन्होंने कहा कि जो देश अपनी आजादी की कीमत नहीं समझता, जिन शहीदों ने अपना खून बहाया, उनकी महिमा का गुणगान नहीं करता और इतिहास के पन्नों को शहीदों के रक्त से सुनहरे अक्षरों में अंकित नहीं करता, वह देश कभी तरक्की नहीं कर सकता। आज अंबाला में बना यह स्मारक आने वाले दिनों में देशभर की युवा पीढ़ी में देशभक्ति की भावना पैदा करने वाला एक अद्भुत स्थल बनेगा।

उन्होंने इस स्मारक के निर्माण के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, वर्तमान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और कैबिनेट मंत्री श्री अनिल विज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन सभी के विशेष प्रयासों के कारण ही यह विशाल शहीदी स्मारक आज बनकर तैयार हुआ है।

श्री अमित शाह ने कहा कि यह वही धरती है, जहां कभी सरस्वती नदी बहती थी और जहां वेदों की रचना हुई। इसी वीर भूमि पर श्रीकृष्ण ने गीता का संदेश दिया और इसी धरती पर महाराजा अग्रसेन ने प्रशासन का भारतीय मॉडल प्रस्तुत किया। इसी वीर भूमि पर राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम ने आजादी की लड़ाई लड़ी और एक नई परंपरा की शुरुआत हुई। आज यदि किसी एक राज्य के सबसे अधिक जवान देश की सेवा में हैं, तो वे मेरे हरियाणा के हैं।

उन्होंने कहा कि जब खेलों में भारत की पदक तालिका की बात आती है तो उसमें हरियाणा पहले नंबर पर रहता है। जब देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की आवश्यकता थी, तब हरियाणा के किसानों ने देश के अन्न भंडार भर दिए। श्वेत क्रांति में भी हरियाणा का बहुत बड़ा योगदान है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हरियाणा की इसी धरती पर आज 22 एकड़ भूमि में 23 दीर्घाओं के साथ वर्ष 1857 की क्रांति का अद्भुत स्मारक बनाया गया है। स्मारक में आधुनिक तकनीक के माध्यम से होलोग्राफी और इंटरैक्टिव प्रोजेक्शन के साथ दस्तावेजों तथा हरियाणा की विभिन्न कलाओं को संरक्षित करने का शानदार प्रयास किया गया है। फुलकारी और सरकंडे की शिल्पकला, 2500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर तथा लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से लोगों को दोबारा वर्ष 1857 के दौर में ले जाने की व्यवस्था की गई है। यह स्मारक 1857 की क्रांति, बलिदान और सम्मान की भावना को जागृत करने वाला एक ऊर्जावान स्थल बनकर तैयार हुआ है।

उन्होंने देशभर के युवाओं से अपील की कि आज हम जिस स्थान पर खड़े हैं, वह किन कारणों से संभव हो पाया है, इसे समझने के लिए अंबाला की इस ऐतिहासिक धरती पर बने स्मारक को अवश्य देखें और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

केंद्रीय गृह मंत्री ने इस अवसर पर 1260 करोड़ रुपये की लागत से बने नेशनल हाईवे-152जी के जलबेड़ा–शाहाबाद सेक्शन का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा को बने 60 वर्ष हो चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं का यह सौभाग्य है कि इन 60 वर्षों में से 12 वर्षों तक हरियाणा की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और कमल के फूल पर भरोसा जताया है। श्री मनोहर लाल और श्री नायब सिंह सैनी, दोनों ने इन 12 वर्षों में हरियाणा में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं।

उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा जनहित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सबसे पहले हरियाणा धुआं मुक्त राज्य बना, हर घर में गैस सिलेंडर पहुंचा, सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था की गई। न्याय संहिता लागू करने वाला, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला और एलिवेटेड रेलवे ट्रैक की शुरुआत करने वाला पहला राज्य भी हरियाणा बना।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने ऑनलाइन तबादला नीति बनाकर तबादला उद्योग को समाप्त किया है। यदि किसी ने हरियाणा में तबादला उद्योग को खत्म किया है तो वह भारतीय जनता पार्टी ने किया है। पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की शुरुआत भी हरियाणा में हुई। हरियाणा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां आज गांवों में लाल डोरा नहीं है। परिवार पहचान पत्र बनाने वाला राज्य भी हरियाणा बना है।

श्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वे पंजाब में नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत जाते हैं तो वहां किसान एमएसपी की गारंटी की बात करते हैं। राहुल जी ने उन्हें झुनझुना पकड़ा दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार पंजाब में भाजपा-एनडीए की सरकार बना दीजिए, फिर किसानों को एमएसपी गारंटी के बोर्ड पकड़ने की जरूरत नहीं रहेगी। नशा मुक्ति के लिए हरियाणा ने पूरी तरह कमर कस ली है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, श्री महीपाल ढांडा, श्री विपुल गोयल, डॉ. अरविंद शर्मा, श्री श्याम सिंह राणा, श्री रणबीर गंगवा, श्री कृष्ण बेदी, श्रीमती श्रुति चौधरी, सुश्री आरती राव, राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम, डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा सहित सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments