पटियाला, 6 नवंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. किरपाल सिंह बडूंगर ने कहा कि मीरी-पीरी के मालिक, ‘दलभंजन गुरु सूरमा वड जोधा बहु परउपकारी’ सतिगुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी जब ग्वालियर के किले से रिहा हुए थे, तब उन्होंने जालिम मुगल बादशाह जहांगीर की कैद से 52 कलियों वाला चोला पहनकर अपने साथ 52 हिंदू राजपूत राजाओं को भी कैद से मुक्त करवाया था।
उन्होंने कहा कि सतिगुरु जी लंबा सफर तय करके जिस दिन गुरु की नगरी श्री अमृतसर साहिब पहुंचे थे, उस खुशी में श्रद्धालु सिख संगतों ने घी के दीपक जलाकर खुशी मनाई थी। अब हर साल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरु नानक नाम लेवा असंख्य श्रद्धालु सिख संगतें पूरे खालसाई जोश और उत्साह के साथ ‘बंदी छोड़ दिवस’ मनाती हैं।
उन्होंने कहा कि आइए! समूचा खालसा पंथ और श्रद्धालु संगतें मिल-जुलकर खालसाई जोश और जज्बे के साथ बंदी छोड़ दिवस मनाएं। इस अवसर पर रोशनी करके जहां बाहरी जीवन को प्रकाशमान करना है, वहीं अपने भीतर अज्ञान रूपी अंधकार को भी समाप्त करके अपने मन, आत्मा और जीवन को रोशन करना चाहिए।






