चंडीगढ़, 6 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं व विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। इसी दिशा में मधुमक्खी पालकों को बड़ी राहत देते हुए मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अब मधुमक्खी पालकों को प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स केवल 50 रुपये प्रीमियम देना होगा। इसके बदले उन्हें प्रति कॉलोनी और बॉक्स 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। इस योजना के तहत मधुमक्खी पालक अधिकतम 6 लाख 25 हजार रुपये तक का बीमा क्लेम प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और शहद उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से 16 अगस्त, 2025 को कुरुक्षेत्र में शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की घोषणा की गई थी, जिसे 27 सितंबर, 2025 को लागू कर दिया गया। इस योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि अपने बजट भाषण 2026-27 में 7 मार्च, 2026 को मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए मधुमक्खी पालन को योजना के दायरे में लाया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य जोखिमों के कारण होने वाले संभावित नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा मिलेगी तथा राज्य में मधुमक्खी पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।
43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किसानों को 9,880 करोड़ रुपये का भुगतान
मुख्यमंत्री ने राज्य में धान खरीद की जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा में खरीफ खरीद सीजन के दौरान गत 29 सितंबर से 278 मंडियों में धान की खरीद की जा रही है, जो 15 नवंबर तक जारी रहेगी। किसानों से कॉमन धान की खरीद 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान की खरीद 2,461 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है।
उन्होंने बताया कि 5 नवंबर तक राज्य की मंडियों में 48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इसके अलावा, 37 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान का उठान भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने और समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि अब तक 2 लाख 88 हजार 102 किसानों के बैंक खातों में 9,880 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है।






