फतेहगढ़ साहिब, 6 नवंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): जिला फतेहगढ़ साहिब में पराली जलाने के 5 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा संबंधित किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने के साथ 25 हजार रुपये के चालान काटकर पर्यावरण मुआवजा वसूला गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. सोना थिंद ने बताया कि सैटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने के प्राप्त मामलों में फील्ड रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा पराली जलाने से रोकने और इसके उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में पराली प्रबंधन के लिए करीब 2,200 कृषि मशीनें उपलब्ध हैं। किसान इन मशीनों की उपलब्धता और उपयोग संबंधी जानकारी के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संबंधित ब्लॉक कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पराली प्रोटेक्शन फोर्स के तहत जिले में 10 ओवरऑल इंचार्ज, 40 क्लस्टर इंचार्ज और 190 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो गांवों का लगातार दौरा कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी और आर्थिक कार्रवाई भी कर रहा है। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होने के अलावा जमीन की उपजाऊ शक्ति और मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणुओं को भी नुकसान पहुंचता है। किसानों को कानूनी कार्रवाई और पर्यावरण मुआवजे का सामना भी करना पड़ सकता है।
उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि मशीनरी और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से इसका उचित प्रबंधन करें तथा जिला प्रशासन और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का सहयोग दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






