Thursday, August 27, 2026
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सर्वश्रेष्ठ पंजाबी पुस्तक पुरस्कारों से नवाजे गए लेखक

पटियाला, 1 नवम्बर:पंजाब सरकार की अगुवाई में पंजाब भाषा विभाग द्वारा आज पंजाब दिवस के मौके पर डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फ़र की नेतृत्व में महीने भर चलने वाले साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। श्री ज़फ़र ने इस मौके पर एक सप्ताह चलने वाले पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कालिदास ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता उध्र अर्थ शास्त्री डॉ. सरदारा सिंह जोहल ने की और उन्होंने विभाग का ध्वज फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर सर्वश्रेष्ठ पंजाबी पुस्तक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। गायक मनराज पातर ने अपनी साहित्यिक गायकी से कार्यक्रम को शिखर पर पहुंचा दिया।

डायरेक्टर जसवंत सिंह ज़फ़र ने अपने संबोधन में विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि विभाग द्वारा बड़े स्तर पर साहित्यिक और ज्ञानवर्धक खजाने को डिजिटल रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे हमारा साहित्य दुनिया के हर कोने में बैठे पाठक द्वारा पढ़ा जा सकेगा। विभाग की वेबसाइट पर शब्दावली, पंजाबी और विश्व का क्लासिक साहित्य उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभागीय मुश्किलों संबंधी निगरानी प्रयास किए जा रहे हैं। भाषाओं के विकास के बारे में उन्होंने कहा कि हमें भाषा के प्रति कट्टर होने के बजाय इसे प्यार करना चाहिए, जिससे भाषा का विस्तार होता है। इस कार्य के लिए भाषा बोलने, लिखने और पढ़ने वाला हर व्यक्ति योगदान दे सकता है। हमें अपनी भाषा पर गर्व करना चाहिए न कि किसी अन्य भाषा का विरोध करना चाहिए। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और आगे भी लेखन की अपील की।

अपने अध्यक्षीय भाषण में डॉ. सरदारा सिंह जोहल ने पुरस्कार विजेताओं को कहा कि उन्हें जो प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं, उन्हें सम्मानित रखना चाहिए और उनके स्तर का लेखन करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखक को अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए लिखना चाहिए, यही एक लेखक का असली कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आपसी बेतवाकी और हमारे नेताओं की सिर्फ शासन करने वाली सोच के कारण पहले पंजाब का बंटवारा हुआ, जिसके कारण देश की बंटवारे के बाद दो पंजाब बने। फिर चढ़ते पंजाब के तीन टुकड़े किए गए। आज भी हम तीन भाषाई सूत्रों पर आधारित ही शिक्षा प्रणाली चला रहे हैं, और इसके अलावा हमारे हाथ कुछ भी नहीं आया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषा के विस्तार और इसे और अमीर बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने पंजाब भाषा विभाग की वर्तमान गतिविधियों के लिए सराहना की।

इस मौके पर कुलदीप सिंह कबरवाला द्वारा अनुवादित विभागीय पुस्तक ‘उच्चियाँ उम्मीदाँ’ और ‘अंग्रेजी-पंजाबी शब्दावली (रसायण विज्ञान)’ लोकार्पित की गई। यह पुस्तकें सहायक निदेशक सुखप्रीत कौर, खोज अधिकारी डॉ. मनजिंदर सिंह, खोज सहायक शरणजीत कौर और पलवी द्वारा तैयार की गई हैं। डॉ. संतोक सिंह सुखी, खोज अधिकारी और खोज सहायक हरजीत कौर द्वारा संपादित विभागीय पत्रिका ‘पंजाबी दुनिया’ का डॉ. जगतार विशेषांक भी लोकार्पित किया गया। संयुक्त निदेशक हरभजन कौर ने सभी का धन्यवाद किया।

पंजाबी विकास विभाग के सहायक निदेशक अमरिंदर सिंह की देखरेख में हुए इस कार्यक्रम के दौरान गायक मनराज पातर ने पद्म श्री सुरजीत पातर सहित बहुत से नामवर पंजाबी शायरों की रचनाओं को खूबसूरत गायकी के माध्यम से प्रस्तुत कर माहौल को शिखर पर पहुंचा दिया। मंच संचालन शोध अधिकारी डॉ. सुखदर्शन सिंह चहिल ने खूबसूरती से किया। इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर चंदनदीप कौर, सहायक डायरेक्टर अमरिंदर सिंह, सुखप्रीत कौर, तेजिंदर गिल, जसप्रीत कौर, सुरिंदर कौर, राबिया, दविंदर कौर, शोध अधिकारी सतपाल सिंह, डॉ. सुरजीत सिंह भट्टी, प्रिं. मनमोहन सिंह, पद्म श्री प्राण सभ्रवाल, डॉ. सुरजीत सिंह, डॉ. गुरसेवक लंबी, साहित्यकार पवन हरचंदपुरी, दर्शन बटर, बलविंदर संधू, दर्शन जोगा, निरंजन बोहा, डॉ. दर्शन सिंह आशट, अवतारजीत, गुरचरण पब्बराली, विभिन्न जिलों के भाषा अधिकारी, शोध सहायक हरप्रीत सिंह, किरणजीत कौर, सिमरजीत सिंह और बड़ी संख्या में साहित्यकार मौजूद थे।

पुरस्कार प्राप्त शख्सियतें:

सर्वश्रेष्ठ पंजाबी पुस्तक पुरस्कार के तहत:

भाई वीर सिंह पुरस्कार (यादें): गुरिंदरजीत की पुस्तक ‘बरफ़ में उगे अमलतास’

नानक सिंह पुरस्कार (उपन्यास): जसवीर सिंह राणा की पुस्तक ‘70% प्रेम कथा’

प्रिं. सुजान सिंह पुरस्कार (कहानी संग्रह): भगवंत रसूलपुरी की पुस्तक ‘डिलीवरी मैन’

गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी पुरस्कार (निबंध): डॉ. परमजीत ढींङरा की पुस्तक ‘किताब जो अभी बाकी है’

ग्यानी गुरमुख सिंह मुसाफिर पुरस्कार (कविता): शमील की पुस्तक ‘तेग’

प्रो. गुरदयाल सिंह पुरस्कार (अनुवाद): सुबाश भास्कर की पुस्तक ‘अनवंडा पंजाब (डॉ. चंदर त्रिखा)’

एम.एस. रंधावा पुरस्कार (संपादन): अमिया कुंवर की पुस्तक ‘इमरोज़नामा’

श्री गुरु हरिकृष्ण पुरस्कार (बाल साहित्य): डॉ. इंदरप्रीत सिंह धामी की पुस्तक ‘सुपन्साज़’

डॉ. अतर सिंह पुरस्कार (आलोचना): गुरदीप सिंह की पुस्तक ‘यह देस पंजाब की समझ नहीं’

भाई काहन सिंह नाभा पुरस्कार (कोशकारिता): जगतार सिंह सोखी की पुस्तक ‘पंजाबी समानार्थक कोश’

इस मौके पर पंजाबी भाषा के प्रति शानदार कार्य के लिए जिला भाषा अधिकारी मोगा डॉ. अजीतपाल सिंह जटाणा और विभाग के मुख्य दफ्तर की सीनियर सहायक सुमन वर्मा को बेहतरीन कार्य के लिए प्रशंसा पत्र दिए गए।

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