2.25 करोड़ रुपये की लागत से नए मोघे और पाइपलाइन परियोजना का शिलान्यास
करीब 250 परिवारों को होगा सीधा लाभ
भवानीगढ़/सुनाम, 4 जून 2026: पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज सुनाम विधानसभा क्षेत्र के गांव अकबरपुर में घग्गर ब्रांच नहर से नए मोघे (पानी निकासी बिंदु) और पाइपलाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। यह परियोजना 2.25 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी।
परियोजना के पूर्ण होने के बाद गांव अकबरपुर की 789 एकड़ कृषि योग्य भूमि को आजादी के बाद पहली बार नहरी पानी उपलब्ध होगा, जिससे लगभग 250 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के जल संसाधनों के संरक्षण और किसानों को आवश्यक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पानी के मुद्दों पर केवल राजनीति की और पंजाब के हक के पानी की रक्षा करने में विफल रहीं। इसके विपरीत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के जल अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ पूरे प्रदेश में नहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि घग्गर ब्रांच नहर के बिल्कुल निकट स्थित होने के बावजूद अकबरपुर गांव के किसानों को कभी नहरी पानी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने यह लंबे समय से लंबित मांग उनके ध्यान में लाई थी, जिसके बाद इस परियोजना को मंजूरी दिलाई गई और अब इसका कार्य शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, भूजल पर निर्भरता घटेगी और कृषि को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी के अधिक उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों से राज्य में भूजल स्तर की स्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और लंबे समय से लंबित जनहित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुनाम विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
सेवा केंद्र कर्मचारियों की जारी हड़ताल संबंधी मीडिया के एक सवाल के जवाब में अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से सेवा केंद्रों का संचालन संबंधित कंपनी को सौंपा है। उन्होंने कहा कि केंद्रों के संचालन और कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि इस मामले में सरकार की सीधी भूमिका नहीं है, लेकिन आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।