पटियाला, 26 जून 2026 : जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय, पटियाला द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत, युवा सेवाएं विभाग पटियाला तथा सामाजिक संस्थाओं यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया, पावर हाउस यूथ क्लब और युवक सेवाएं क्लब दीप नगर के सहयोग से तथा उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल के संरक्षण में लक्ष्मी बाई इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड हॉस्पिटल, पटियाला में अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ) संदीप सिंह तथा जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिवाणा शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा सेवाएं विभाग के सहायक निदेशक डॉ. मलकीत सिंह मान तथा नशा मुक्त भारत अभियान के सदस्य एवं स्टेट अवॉर्डी परमिंदर भलवान ने की। इस अवसर पर लक्ष्मी बाई इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन बी.डी. गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से गवर्नर अवॉर्डी एवं नशा मुक्त भारत अभियान के सदस्य जतविंदर ग्रेवाल, वाइस चेयरमैन डॉ. वनीत शर्मा, प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष नरूला, वाइस प्रिंसिपल डॉ. मधु गुप्ता, नोडल अधिकारी डॉ. प्रज्ञाजन मित्रा, डॉ. अवनीत कौर, उपकार सिंह, विनय शर्मा, रुद्र प्रताप सिंह (बीसीए छात्र, सरकारी बिक्रम कॉलेज ऑफ कॉमर्स), हरमनजीत सिंह रंधावा तथा लक्की हरदासपुर भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डीआरओ संदीप सिंह ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति शुरुआत में अपनी लत को छिपाने की कोशिश करता है और बाद में उसका परिवार भी इसे छिपाने का प्रयास करता है, क्योंकि उन्हें डर होता है कि समाज नशा करने वालों से नफरत करेगा। उन्होंने कहा कि हमें नशा करने वालों से घृणा नहीं करनी चाहिए, बल्कि उन्हें नशे से बाहर निकालने और इलाज के लिए प्रेरित करना चाहिए। यदि हम किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त में जाने से रोक दें या किसी नशा पीड़ित को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचा दें, तो यह किसी की जिंदगी बचाने के समान है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि नशे की आदत केवल शरीर और मस्तिष्क को ही नहीं, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य को भी बर्बाद कर देती है। इसलिए हमें नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहना चाहिए तथा अपने आसपास जागरूकता फैलाकर स्वयं और अपने प्रियजनों के जीवन की रक्षा करनी चाहिए और पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाने में योगदान देना चाहिए।
जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिवाणा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे से सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि नशा एक मीठे जहर की तरह है, जो कुछ समय के लिए शरीर में स्फूर्ति का एहसास कराता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर के अंदरूनी अंगों को नष्ट कर देता है। नशे के कारण कैंसर, हृदय रोग, मस्तिष्क की नस फटना, किडनी खराब होना, एड्स, पीलिया जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति की बुद्धि और नैतिकता को कमजोर करता है, बल्कि शारीरिक रूप से भी भारी नुकसान पहुंचाता है।
इस अवसर पर युवा सेवाएं विभाग के सहायक निदेशक डॉ. मलकीत सिंह मान ने नशे के विभिन्न प्रकार, इसके कारणों, शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों तथा नशे से मुक्ति के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो लोग नशे के आदी हो चुके हैं, उन्हें उपचार के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, ओटी सेंटर अथवा ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर से संपर्क करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में स्टेट अवॉर्डी एवं नशा मुक्त भारत अभियान के सदस्य परमिंदर भलवान ने सभी को नशा न करने, नशा पीड़ितों को नशा छोड़ने में सहायता करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। वहीं, गवर्नर अवॉर्डी जतविंदर ग्रेवाल ने ड्रग फ्री वर्ल्ड कैलिफोर्निया की ओर से नशा विरोधी जागरूकता संबंधी पुस्तकें वितरित कीं।
फोटो कैप्शन: अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के अवसर पर डीआरओ संदीप सिंह, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिवाणा, डॉ. मलकीत सिंह मान, बी.डी. गुप्ता तथा परमिंदर भलवान युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए।