पटियाला, 27 जून। दी क्लास फोर्थ गवर्नमेंट एम्प्लाइज यूनियन पंजाब (1680) के बैनर तले सरकारी एवं अर्द्धसरकारी विभागों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, कच्चे-पक्के कर्मचारियों, मिड-डे मील, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य स्कीम कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पटियाला में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने विशाल धरना देकर पंजाब सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया तथा लीला भवन चौक तक रोष मार्च निकाला।

प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार, स्वास्थ्य मंत्री, शिक्षा मंत्री, स्थानीय निकाय मंत्री एवं वित्त मंत्री के नाम तीन अलग-अलग मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपे गए। कर्मचारियों ने मांग की कि कॉन्ट्रैक्ट, आउटसोर्स, पार्ट-टाइम सफाई सेवकों, सीवरमैन सहित विभिन्न श्रेणियों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बिना किसी देरी के नियमित किया जाए तथा ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाए।
यूनियन ने महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मासिक वेतन 40,000 रुपये निर्धारित करने की मांग की। साथ ही मिड-डे मील वर्करों, आशा वर्करों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों तथा अन्य सभी स्कीम वर्करों को भी यही वेतनमान एवं नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत सफाई सेवकों एवं चौकीदारों पर न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू करने, वर्दी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
इस अवसर पर पंजाब सबऑर्डिनेट फेडरेशन (1680) की ओर से अलग ज्ञापन देकर पुरानी पेंशन योजना को शीघ्र बहाल करने, महंगाई भत्ते एवं उसके बकाये का भुगतान 30 जून तक न्यायालय के आदेशानुसार नकद करने, वन विभाग कर्मचारियों के तीन माह से लंबित वेतन तथा मिड-डे मील कर्मचारियों के चार माह से रुके हुए मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 10 जुलाई को मोहाली स्थित पशुपालन निदेशालय कार्यालय के समक्ष धरना देकर सरकार और विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।






