पटियाला, 1 जुलाई,2026: ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर सृजित करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा आज जिला प्रशासनिक परिसर, पटियाला में फार्म स्टे नीति-2026 विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर जिले के विभिन्न सरकारी विभागों के 150 से अधिक किसानों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की प्रोजेक्ट मैनेजर शीतल बहल, सुपरिंटेंडेंट मनिंदर सैनी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. दारा सिंह, पर्यटन अधिकारी हरदीप सिंह, ईवाई टीम के प्रतिनिधि, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी तथा किसान उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित किसानों एवं फार्म हाउस मालिकों को फार्म स्टे नीति-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई, जिसमें पात्रता मानदंड, पंजीकरण प्रक्रिया, प्रोत्साहन तथा नीति के अंतर्गत उपलब्ध सहायता तंत्र शामिल हैं। इस अवसर पर सतत ग्रामीण पर्यटन, क्षमता निर्माण, स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, कृषि आधारित अनुभवों तथा सामुदायिक सहभागिता पर विशेष बल दिया गया। तकनीकी प्रस्तुतियों एवं इंटरैक्टिव सत्रों के दौरान ईवाई टीम के प्रतिनिधियों ने नीति के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी तथा पंजीकरण एवं क्रियान्वयन से संबंधित प्रतिभागियों के प्रश्नों का उत्तर दिया।
कार्यशाला के अंतर्गत पटियाला जिले के दो सफल फार्म स्टे संचालकों ने भी अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। वर्ष 2021 से शाही चौबारा सिधुवाल का संचालन कर रहे डॉ. भगवान सिंह खोजी ने फार्म स्टे स्थापित करने की अपनी यात्रा साझा की तथा अपने फार्म स्टे प्रयासों को बढ़ावा देने में सरकार से प्राप्त सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फार्म स्टे नीति के तहत पंजीकरण करवाकर अपने खेतों में फार्म स्टे विकसित करने तथा आय के अनेक एवं स्थायी स्रोत तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
वर्ष 2008 से पर्यटकों का स्वागत कर रहे तथा गांव नानोकी स्थित गैरी फार्म्स के मालिक अबिंदर सिंह ग्रेवाल ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। एक सफल ग्रामीण पर्यटन उद्यमी के रूप में उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए किसानों को फार्म स्टे नीति का लाभ उठाकर अपनी आजीविका के स्रोतों में विविधता लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जहां प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब आते हैं, वहीं पंजाब के पास यह अपार संभावनाएं हैं कि वह राज्य के विभिन्न जिलों में फार्म स्टे के माध्यम से पर्यटकों को प्रामाणिक ग्रामीण जीवन, स्थानीय व्यंजन, कृषि गतिविधियों तथा सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव कराते हुए उनके ठहराव की अवधि बढ़ा सकता है।
इंटरैक्टिव सत्र ने किसानों को नीति के क्रियान्वयन से संबंधित अपने प्रश्नों एवं शंकाओं का समाधान प्राप्त करने तथा अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए फार्म स्टे एवं ग्रामीण पर्यटन पहलों के माध्यम से सतत आय के अवसर सृजित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार के साथ मिलकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यशाला का समापन किसानों की सक्रिय भागीदारी के साथ हुआ। प्रतिभागियों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि फार्म स्टे नीति-2026 पूरे पंजाब में ग्रामीण रोजगार, उद्यमिता एवं समुदाय-आधारित पर्यटन के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी।






