Thursday, August 27, 2026
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आम आदमी पार्टी के मेयर कुंदन गोगिया लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरे

पटियाला के कूड़ा डंप की रेमेडिएशन लगभग पूरी

1.43 लाख टन में से 1.40 लाख टन पुराने कचरे की रेमेडिएशन पूरी, शेष कार्य भी जल्द होगा पूरा: कमिश्नर

क्षेत्रवासियों को बदबू, धुएं और आग की समस्या से मिली राहत

पटियाला, 4 जुलाई,2026 : पटियाला शहर में लंबे समय से चली आ रही कूड़ा डंप की समस्या के समाधान की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। मेयर कुंदन गोगिया के नेतृत्व में पुराने कचरे की रेमेडिएशन का कार्य तेजी से आगे बढ़ा है, जिससे वर्षों से परेशान क्षेत्रवासियों को अब बड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई है।

कमिश्नर पूजा सियाल ग्रेवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा डंप साइट की रेमेडिएशन को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1.43 लाख टन में से 1.40 लाख टन पुराने कचरे की रेमेडिएशन पूरी हो चुकी है तथा शेष 3 हजार टन कचरे की रेमेडिएशन का कार्य भी एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित बनाना है, जिसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।

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रेमेडिएशन के क्या फायदे हैं?

रेमेडिएशन पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग करके उसके सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया है। इससे डंप साइट से आने वाली बदबू और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आती है। कचरे में स्वतः लगने वाली आग और उससे निकलने वाला धुआं भी कम हो जाता है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव घटते हैं। रेमेडिएशन के दौरान प्लास्टिक, धातु, मिट्टी और अन्य सामग्री को अलग-अलग कर पुनः उपयोग अथवा सुरक्षित निस्तारण के लिए भेजा जाता है। इससे भूमि खाली होती है, जिसका भविष्य में सार्वजनिक सुविधाओं या अन्य विकास कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है। साथ ही मिट्टी और भूजल को प्रदूषित होने से भी बचाया जाता है। इस प्रकार रेमेडिएशन न केवल स्वच्छता अभियान को मजबूत करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।

भविष्य के लिए रेमेडिएशन की व्यवस्था

पुराने कचरे का पूर्ण रूप से निस्तारण करने के लिए 1 लाख टन क्षमता का नया टेंडर भी जारी किया गया है। इसके तहत अब तक 2,500 टन कचरे की रेमेडिएशन की जा चुकी है, जबकि शेष कार्य अगले दो से तीन महीनों में पूरा करने की योजना है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले डंप साइट से हर समय बदबू आती थी। कई बार कचरे में आग लग जाती थी, जिससे निकलने वाला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता था। इसके कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, प्रदूषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब रेमेडिएशन का कार्य आगे बढ़ने से ये समस्याएं काफी हद तक कम हो गई हैं और लोगों में संतोष का माहौल है।

नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना केवल कचरे के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर को स्वच्छ और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले महीनों में शेष कार्य पूरा होने के बाद डंप साइट की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

इस अवसर पर नगर निगम के मेयर कुंदन गोगिया, कमिश्नर पूजा सियाल ग्रेवाल तथा सैनिटरी इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह उपस्थित रहे।

फोटो: अवसर पर मौजूद मेयर कुंदन गोगिया, कमिश्नर पूजा सियाल ग्रेवाल और सैनिटरी इंस्पेक्टर हरविंदर सिंह।

 

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