चंडीगढ़ 9 जुलाई, 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में समय पर भाग लेने और निर्धारित फॉर्म भरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही मतदाताओं का नाम नई मतदाता सूची में शामिल होगा, जिससे वे मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई मतदाता सूची में नाम दर्ज रहने से ही नागरिकों को राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विशेष रूप से ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ का लाभ लगातार मिलता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हट जाता है, तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई आ सकती है।
भगवंत मान ने लोगों को भरोसा दिलाया कि एसआईआर फॉर्म भरने में यदि किसी को कोई परेशानी आती है तो वह आम आदमी पार्टी के स्थानीय स्वयंसेवकों से संपर्क कर सकता है, जो पूरी प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाकर लोकतंत्र को मजबूत करना है। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों से समय रहते प्रक्रिया पूरी करने और अपने मतदान के अधिकार की रक्षा करने की अपील की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मांवां-धियां सत्कार योजना’ की शुरुआत पर प्रदेश की महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सरकार ने जनता से किया एक और महत्वपूर्ण वादा पूरा किया है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में वित्तीय सहायता सीधे भेजी जा रही है और लाभार्थियों को इसकी सूचना मोबाइल संदेश के माध्यम से मिलनी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना से राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रत्येक पात्र मतदाता को एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए ताकि उसका नाम मतदाता सूची में बना रहे और वह मतदान के अधिकार के साथ-साथ सरकार की सभी सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी निर्बाध रूप से प्राप्त कर सके।






