Wednesday, August 26, 2026
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पातड़ां में मानवाधिकार आयोग के सदस्य शंटी ने लगाया खुला जनसुनवाई शिविर

सभी जिलों में कोर ग्रुप बनाने वाला पंजाब देश का पहला मानवाधिकार आयोग : पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी

कहा- अब अस्पताल बिल का भुगतान न होने पर मरीज या मृतक का शव नहीं रोक सकेंगे

मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत के लिए आयोग ने जारी किया व्हाट्सएप नंबर 9855475547

पटियाला, 11 जुलाई, 2026 : पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग (PSHRC) के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने आज पातड़ां के किरती कॉलेज में मानवाधिकार जागरूकता और लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए खुला जनसुनवाई शिविर आयोजित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों की सुरक्षा, जागरूकता बढ़ाना तथा पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है। इसी उद्देश्य से आयोग की पहुंच राज्य के प्रत्येक घर तक सुनिश्चित की जा रही है।

पद्मश्री शंटी ने मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए आयोग का व्हाट्सएप नंबर 9855475547 जारी करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी लिखित शिकायत इस नंबर पर भेज सकता है, जिस पर दो दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक कर मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की तथा लोगों की शिकायतें भी सुनीं।

पद्मश्री शंटी ने बताया कि पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य के सभी जिलों में कोर ग्रुपों का गठन किया है, जिनमें सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, ताकि पीड़ितों की सहायता और शिकायतों का निपटारा अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला ऐसा मानवाधिकार आयोग बन गया है जिसने प्रत्येक जिले में कोर ग्रुप स्थापित किए हैं।

उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए आयोग ने कई महत्वपूर्ण परामर्श एवं दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार अब कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल बिल का भुगतान न होने की स्थिति में मरीज या मृतक के शव को नहीं रोक सकेगा। प्रत्येक अस्पताल में उचित शवगृह (मॉर्चरी) सुविधा तथा एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अलावा लावारिस अथवा आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के अंतिम संस्कार या दफन के लिए सहायता उपलब्ध कराने, गांवों में मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध कराने तथा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, जूते, दस्ताने, सैनिटाइजर और बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों में 112 पर सूचना मिलने के बाद गंभीर मरीजों को अस्पताल तक शीघ्र पहुंचाने के लिए पुलिस द्वारा पायलट वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त दमनजीत सिंह मान, एसडीएम काला राम कंसल, सिविल सर्जन डॉ. शैली जेटली, एसपी जसबीर सिंह, डीएसपी गुरदीप सिंह, तहसीलदार, पुलिस विभाग, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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