सनौर, 14 जुलाई , 2026 : सनौर क्षेत्र के घग्गर नदी से सटे गांव सिरकपड़ा में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गांव के पास पुल के किनारे स्थित तटबंध का हिस्सा लगातार मिट्टी खिसकने के कारण काफी कमजोर हो गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में गांव सिरकपड़ा भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया था। उस दौरान फसलों, घरों और लोगों की संपत्ति को भारी नुकसान हुआ था। हालात का जायजा लेने के लिए केंद्रीय मंत्री भी गांव पहुंचे थे और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया गया था।
बरसात के मौसम से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनसिमरत सिंह शैरी रियाड़ ने गांव का दौरा कर घग्गर नदी के तटबंधों की स्थिति का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से बातचीत की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आई तबाही के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस और स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं। यदि समय रहते तटबंधों को मजबूत नहीं किया गया, बांधों की मरम्मत नहीं कराई गई और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो इस वर्ष भी पिछले साल जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
शैरी रियाड़ ने कहा कि लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन कुंभकर्णी नींद से कब जागेगा? क्या किसी बड़े नुकसान का इंतजार किया जा रहा है?
उन्होंने सरकार से मांग की कि बरसात के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
शैरी रियाड़ ने बताया कि घग्गर नदी का तटबंध अब लगभग दो फुट चौड़ा और पांच फुट ऊंचा ही रह गया है, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि घग्गर नदी के तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि इस बार गांव को बाढ़ की तबाही से बचाया जा सके।