उत्तर प्रदेश 25 जुलाई, 2026 (लछमण जीत सिंह पुर्बा): उत्तर प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा और यमुना समेत राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, घाघरा और शारदा सहित चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सोनभद्र में जलस्तर बढ़ने के बाद कनहर बांध के तीन गेट खोलने पड़े। बांध में पानी का दबाव बढ़ने के कारण प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जल निकासी शुरू की।
उधर, बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराज से करीब 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियों में उफान आ गया है। इसका असर सीतापुर, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां बाढ़ का पानी रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गया है। कई स्थानों पर जंगली जीव भी बाढ़ के पानी के साथ आबादी वाले इलाकों में पहुंच रहे हैं।
राज्य के कई हिस्सों में नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। बागपत और नोएडा में हिंडन नदी, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा तथा कुशीनगर में गंडक नदी का जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। बस्ती में सरयू नदी के किनारे कटान तेज हो गया है, जिसके चलते कई पेड़ नदी में समा गए हैं।
शनिवार सुबह से कानपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी है। अयोध्या और वाराणसी सहित करीब 30 शहरों में बादल छाए हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। वहीं, वाराणसी और सोनभद्र समेत नौ जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बारिश, बाढ़ और आकाशीय बिजली से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।






