सुनाम; 26 जुलाई 2026: (बलजीत सरना): कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने रविवार को हड़ताल पर चल रहे पी.एस.पी.सी.एल के कर्मचारियों से अपनी हड़ताल तुरंत वापस लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे धान की रोपाई के महत्वपूर्ण सीजन के दौरान किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पूरे राज्य के करीब तीन करोड़ लोगों के लिए जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने दोहराया कि भगवंत मान सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी यूनियनों के आग्रह पर करीब 25 दिन पहले गठित उच्च स्तरीय समिति पहले ही उनकी लंबित मांगों पर विचार कर रही है और समिति की हर जायज सिफारिश को सरकार स्वीकार करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, “पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी 21 जुलाई से हड़ताल पर हैं, जिससे पंजाब के लोगों, खासकर हमारे किसानों को काफी असुविधा हो रही है। वर्तमान धान रोपाई का सीजन बेहद महत्वपूर्ण चरण में है और बिजली सेवाओं में व्यवधान ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। किसानों के अलावा घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों, हमारी माताओं, बहनों और आम जनता को भी बिजली सेवाओं में बाधा के कारण गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।”
पंजाब अध्यक्ष ने कहा, “भगवंत मान सरकार समाज के हर वर्ग की सरकार है। सत्ता संभालने के बाद सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सरकार ने विभिन्न विभागों में हजारों युवाओं को रोजगार दिया है, हजारों कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया है, उन्हें सेवा लाभ दिए हैं और अलग-अलग विभागों में कर्मचारियों की कई लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान किया है। बिजली बोर्ड कर्मचारियों की भी कई मांगों को सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है।”
उन्होंने ने कहा, “बाकी मांगों के संबंध में कर्मचारी यूनियनों ने खुद सरकार से आग्रह किया था कि सरकार और यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए एक विशेष समिति बनाई जाए। उनके आग्रह पर सरकार ने करीब 20 से 25 दिन पहले एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति में वित्त, बिजली और कार्मिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी यूनियनों के चार प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति लगातार इन मुद्दों पर चर्चा कर रही है और सरकार हर जायज मांग पर सहानुभूतिपूर्ण एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं कर्मचारी यूनियनों को विश्वास दिलाता हूं कि समिति द्वारा सुझाई गई हर जायज मांग को सरकार स्वीकार करेगी। जब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच बातचीत पहले से जारी है, तो बातचीत की प्रक्रिया पूरी होने से पहले हड़ताल करना जनहित में नहीं है।”
अमन अरोड़ा ने कहा, “इस सोच के साथ हड़ताल करना कि जनता को परेशानी होगी और किसानों को नुकसान पहुंचेगा तो सरकार पर दबाव बनेगा, किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। सरकार आपकी है और आप भी हमारी तरह जनता के सेवक हैं। इसलिए मैं सभी कर्मचारी यूनियनों से विनम्र अपील करता हूं कि धान रोपाई के इस महत्वपूर्ण सीजन में पंजाब के लोगों, विशेषकर किसानों को असुविधा न पहुंचाएं।”
कैबिनेट मंत्री ने कहा, “आज मैं कई किसानों से मिला, जिनमें एक किसान भी शामिल था जो तीन एकड़ जमीन ठेके पर लेकर खेती करता है। उसने मुझे बताया कि हड़ताल के कारण बिजली आपूर्ति बंद होने से उसकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे किसानों की क्या गलती है? अगर कोई समस्या है तो वह सरकार के साथ है और सरकार पहले ही उस पर सकारात्मक विचार कर रही है। निर्दोष नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं झेलनी चाहिए।”
अमन अरोड़ा ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ कर्मचारी यूनियनों के लगातार संपर्क में हैं और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। हम किसी भी कर्मचारी यूनियन या व्यक्तिगत कर्मचारी द्वारा उठाई गई हर वास्तविक चिंता को सुनने के लिए हमेशा तैयार हैं और उचित समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री, बिजली विभाग और पूरी सरकार के दरवाजे खुले हैं। कर्मचारी किसी भी समय मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। कर्मचारियों, पंजाब और राज्य के लोगों के हित में आने वाली हर मांग पर उचित विचार किया जाएगा।”
कैबिनेट मंत्री ने कहा, “पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। यदि कुछ लोग हड़ताल के माध्यम से जनता को असुविधा पहुंचाकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं, तो पंजाब के लोग तथ्यों से अच्छी तरह परिचित हैं।”
किसान संगठनों से अपील करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं किसान संगठनों से अपील करता हूं कि वे बड़े जनहित को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी यूनियनों के साथ संवाद करें और हड़ताल समाप्त करवाने में रचनात्मक भूमिका निभाएं।”
अपनी अंतिम अपील में अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं एक बार फिर हाथ जोड़कर अपने पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारी भाइयों और बहनों से अपील करता हूं कि वे हड़ताल तुरंत वापस लें और बिजली सेवाओं को सामान्य करें। लगभग 90 प्रतिशत कर्मचारी यानी करीब 18,500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण पंजाब के करीब तीन करोड़ लोग प्रभावित हो रहे हैं। न तो सरकार और न ही जनता जरूरी सार्वजनिक सेवाओं में बाधा डालकर या नागरिकों को परेशान कर दबाव बनाने के प्रयासों को स्वीकार कर सकती है। अपनी मांगें बिना किसी झिझक के सरकार के सामने रखें।”
उन्होंने कहा, “हर जायज मांग का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन जनता को परेशान कर सरकार पर दबाव बनाने के इस तरीके को न तो स्वीकार किया जाएगा और न ही इसे उचित माना जाएगा। आइए पंजाब और उसके लोगों के व्यापक हितों की रक्षा करते हुए हर मुद्दे का समाधान चर्चा के माध्यम से करें।”






