पटियाला, 27 जुलाई, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का सम्मान केवल स्मृति समारोहों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे आयोजनों से देशभक्ति की भावना मजबूत होती है और जवानों का मनोबल बढ़ता है।प्रो. बडूंगर ने कहा कि शहीदों को सम्मान देना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही युद्ध में शहीद हुए, घायल हुए, दिव्यांग बने पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों, विशेषकर वीर नारियों (शहीद सैनिकों की विधवाओं) की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न सैनिक कल्याण बोर्ड और अन्य संस्थाएं कार्य कर रही हैं, लेकिन लालफीताशाही और प्रशासनिक देरी के कारण अनेक पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को समय पर न्याय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि देश की सेवा करने वाले सैनिकों और अधिकारि।यों का मनोबल और अधिक मजबूत हो सके






