28 जुलाई, 2026 (विशाल गुप्ता): नीट पेपर लीक मामले को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार देर रात केंद्र सरकार और सी.जे.पी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच हुई अहम बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी का दावा है कि बैठक में आंदोलनकारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक सहमति बनी, हालांकि केंद्र सरकार ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सी.जे.पी. के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार के साथ करीब तीन घंटे चली बातचीत के दौरान बिहार और असम सरकारों द्वारा जारी अधिसूचनाओं की प्रतियां साझा की गईं। उनके अनुसार, इन दस्तावेजों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई और भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने जैसी बातें शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने मंगलवार तक केंद्र और अन्य भाजपा व एन.डी.ए शासित राज्यों में भी इसी प्रकार की अधिसूचनाएं जारी करने का भरोसा दिया है। सौरव दास ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों को पूरे देश में समान कानूनी संरक्षण मिलेगा। इससे पहले सोमवार को पार्टी ने आरोप लगाया था कि 25 जुलाई को हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रही। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार अपने वादों को लिखित रूप में लागू नहीं करती तो वह देशव्यापी आंदोलन दोबारा शुरू करेगी।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सी.जे.पी नेताओं के साथ राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे। पार्टी का आरोप था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 36 दिनों तक चले आंदोलन को सरकार के आश्वासन पर समाप्त किया गया था, लेकिन बाद में भी छात्रों की गिरफ्तारी, निगरानी और कथित उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती रहीं।देर रात हुई बैठक के बाद सी.जे.पी ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि अब सभी की निगाहें सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचनाओं पर हैं, जिनसे आगे की रणनीति तय होगी।






