चंडीगढ़ 29 जुलाई,2026 (मनोज वर्मा): पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल 31 जुलाई से राज्य के नौ दिवसीय दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वह 16 जिलों में संगठनात्मक बैठकों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद करेंगे। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस दौरे को कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बघेल का उद्देश्य संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करना, कार्यकर्ताओं का फीडबैक लेना और चुनावी तैयारियों को गति देना है। साथ ही विभिन्न जिलों में संगठनात्मक मजबूती और समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर मतभेद अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक लगातार संगठन में बदलाव की मांग उठा रहे हैं, जबकि पार्टी हाईकमान ने इस विषय पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ऐसे में बघेल का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, भूपेश बघेल 30 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इसके बाद 31 जुलाई से 8 अगस्त तक फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मानसा, बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, लुधियाना, मालेरकोटला, खन्ना, नवांशहर और रूपनगर सहित 16 जिलों में बैठकें करेंगे।
बताया जा रहा है कि इन बैठकों में जिला इकाइयों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग स्तर पर चर्चा होगी। पार्टी का प्रयास है कि चुनाव से पहले संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाए और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पंजाब कांग्रेस की आंतरिक स्थिति और आगामी चुनावी रणनीति की दिशा भी काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।






