30 जुलाई,2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब में सफाई सेवकों और सीवरमैनों की हड़ताल फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। राज्य सरकार द्वारा वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की घोषणा किए जाने के बावजूद कर्मचारी संगठनों ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। इसके विरोध में गुरुवार को राज्यव्यापी बंद आयोजित किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां विभिन्न नगर निकायों में पूरी कर ली गई हैं।
सरकार ने ठेका कर्मचारियों का मासिक वेतन बढ़ाकर ₹20,500 करने और पांच वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने की नीति का ऐलान किया था। हालांकि यूनियनों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग ₹40,000 मासिक वेतन की है। उनका दावा है कि सभी कटौतियों के बाद कर्मचारियों के हाथ में लगभग ₹16,000 ही बचेंगे, जो पर्याप्त नहीं है।
कर्मचारी संगठनों ने नियमितीकरण के लिए निर्धारित 45 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी इस सीमा से ऊपर हैं, जबकि कई अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति पिछले कुछ वर्षों में ही हुई है। ऐसे में मौजूदा नीति से सभी कर्मचारियों को समान लाभ नहीं मिल पाएगा।
यूनियनों के अनुसार, राज्य की 167 शहरी स्थानीय संस्थाओं में से लगभग 150 में बंद का असर देखने को मिलेगा। लगातार जारी हड़ताल के कारण कई शहरों में कूड़े का उठाव प्रभावित हुआ है और सड़कों पर कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
इस बीच, सरकार का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे ठेका व्यवस्था के तहत लाने, पात्र कर्मचारियों को नियमित करने और वेतन बढ़ाने जैसे फैसले उनके हित में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि कर्मचारी संगठन इन प्रावधानों में संशोधन और अपनी लंबित मांगों पर ठोस समाधान मिलने तक आंदोलन जारी रखने के पक्ष में हैं।






