फिरोजपुर, 1अगस्त,2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब की फिरोजपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है। जेल के भीतर बंद कैदियों और विचाराधीन बंदियों तक अवैध तरीके से मोबाइल फोन पहुंचाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के सहायक अधीक्षक बिन्नी टांग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जेल के अंदर लंबे समय से रिश्वत लेकर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान पहुंचाने का संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है। इस मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत 29 जुलाई 2026 को हुई थी, जब पुलिस ने जेल के एक वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पूछताछ और जांच के दौरान मिले सबूतों ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सहायक अधीक्षक बिन्नी टांग को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जेल के भीतर कैदियों तक मोबाइल फोन पहुंचाने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
मामले की जांच डी.एस.पी स्तर के अधिकारी की निगरानी में की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध गतिविधि में कितने लोग शामिल थे, रिश्वत के रूप में कितनी रकम का लेन-देन हुआ और अब तक कितने कैदियों को इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
पुलिस का मानना है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन पहुंचाने जैसा काम बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। इसलिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में जेल प्रशासन से जुड़े कुछ और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।






