नई दिल्ली 3 अगस्त,2026 (अनिल कुमाल भारती): सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में कहा गया है कि राजधानी के व्यस्त इलाके में प्रदर्शन होने से स्थानीय लोगों को परेशानी होती है और कई बार जरूरी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से मामले पर अधिकारियों से जानकारी लेने को कहा है।
याचिका में मांग की गई है कि विरोध-प्रदर्शनों के लिए कोई वैकल्पिक स्थान तय किया जाए, ताकि आम लोगों की आवाजाही, चिकित्सा सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर असर न पड़े।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि जंतर-मंतर क्षेत्र में यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। हालांकि, प्रस्तावित राजनीतिक मार्च को लेकर कोर्ट ने कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि प्रशासन स्थिति संभालने में सक्षम है।
मामले की अगली सुनवाई के लिए इसे अलग से सूचीबद्ध किया जाएगा।






