5 अगस्त,2026 (अनिल कुमार भारती): सरसों का तेल भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है। इसका इस्तेमाल खाना बनाने से लेकर सिर की मालिश तक के लिए किया जाता है। खासकर उत्तर भारत के कई राज्यों में सरसों के तेल का प्रयोग पारंपरिक रूप से लंबे समय से किया जा रहा है।
सरसों के तेल में बने अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। भोजन में इसका इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ भूख बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
सरसों के तेल का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल में भी किया जाता है। नियमित मालिश से रूखे बालों और बालों के झड़ने की समस्या में राहत मिलने की बात कही जाती है। इसमें मौजूद फैटी एसिड, विटामिन और खनिज तत्व बालों को पोषण देने में सहायक होते हैं।
परंपरागत रूप से सरसों के तेल का इस्तेमाल सर्दी के मौसम में शरीर की मालिश, त्वचा को मुलायम रखने और जोड़ों की असुविधा में आराम के लिए भी किया जाता रहा है। कुछ लोग इसमें कपूर मिलाकर मालिश भी करते हैं।
हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा या स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सावधानी बरतना जरूरी है। सरसों का तेल भोजन और देखभाल दोनों के लिए उपयोगी माना जाता है, लेकिन इसके प्रयोग का सही तरीका और मात्रा महत्वपूर्ण है।






