नई दिल्ली, 22 अगस्त,2026 (जतिंदर गर्ग): तकिया हमारी नींद का अहम हिस्सा है, लेकिन लंबे समय तक एक ही तकिए का इस्तेमाल सेहत पर असर डाल सकता है। रोजाना इस्तेमाल से तकिए में धूल, पसीना, मृत त्वचा कोशिकाएं और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं।
पुराना या गलत तकिया गर्दन को पर्याप्त सपोर्ट नहीं देता, जिससे गर्दन में दर्द, अकड़न और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। वहीं गंदे तकिए के कारण चेहरे पर पिंपल, रैश और एलर्जी जैसी दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, तकिया करीब हर 1 से 1.5 साल में बदलना बेहतर है। साथ ही तकिए के कवर को नियमित रूप से धोना चाहिए। सही ऊंचाई और मजबूती वाला तकिया इस्तेमाल करने से गर्दन को बेहतर सपोर्ट मिलता है और नींद भी आरामदायक रहती है।






