6 अगस्त,2026 (प्रभजोत सिंह): उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में हालात गंभीर कर दिए हैं। राज्य के चार जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़क संपर्क और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र में पहाड़ी नाले के उफान के चलते भारी मात्रा में मलबा केदारनाथ हाईवे पर आ गया। इससे हाईवे पर चल रहे 10 से अधिक वाहन कीचड़ और मलबे में फंस गए। वहीं, अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
चमोली जिले के विनायक चट्टी क्षेत्र में बादल फटने जैसी घटना की सूचना मिली है। भूस्खलन के कारण हेलंग और आमसौद के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया, जिससे 200 से अधिक यात्री रास्ते में फंस गए। इसके अलावा, मलबा और बड़े पत्थर गिरने से नारायणबगर–कर्णप्रयाग मोटर मार्ग भी कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन की टीमें रास्ते खोलने के लिए लगातार राहत और सफाई कार्य में जुटी हैं। भारतीय मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। वहीं टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों तथा कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 9 अगस्त तक भारी बारिश और खराब मौसम का दौर जारी रहने की आशंका है।






