संगरूर/सुनाम, 8 अगस्त,2026 (गुरप्रीत सिंह): गांव कुलार खुर्द के निवासियों की पिछले करीब 23-24 वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए गांव के हाई स्कूल को अब सीनियर सेकेंडरी स्कूल के रूप में अपग्रेड कर दिया गया है। स्कूल को अपग्रेड करने संबंधी सरकार की मंजूरी का पत्र कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज गांव की पंचायत, स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकों और ग्रामीणों को सौंपा।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि आज का दिन कुलार खुर्द और पूरे क्षेत्र के लिए बेहद खुशी का दिन है, क्योंकि ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल का प्रबंधन लंबे समय से पंचायत स्तर पर बेहतर ढंग से चलाया जा रहा था। स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकों, पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल की बेहतरी के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूल लंबे समय से पंचायत स्तर पर संचालित हो रहा था, लेकिन सरकारी स्तर पर इसे सीनियर सेकेंडरी का दर्जा नहीं मिला था। जब यह मामला उनके संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए पहले भी, जब वे विपक्ष में थे, विधानसभा और सरकार के समक्ष उठाया था। उस समय यह मामला सिरे नहीं चढ़ सका, लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री और कैबिनेट से आवश्यक मंजूरी प्राप्त कर इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा किया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बारिश के बावजूद बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने जिस उत्साह के साथ पहुंचकर इस फैसले का स्वागत किया, वह इस बात का प्रमाण है कि यह केवल स्कूल का अपग्रेडेशन नहीं, बल्कि पूरे गांव की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद की पूर्ति है।
उन्होंने कुलार खुर्द के सभी निवासियों, स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार ने अपना काम कर दिया है और भविष्य में भी स्कूल या गांव की जायज जरूरतों के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
श्री अरोड़ा ने कहा कि स्कूल को सीनियर सेकेंडरी का दर्जा मिलने के साथ अब स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई पर इतनी मेहनत की जानी चाहिए कि आने वाले समय में कुलार खुर्द के इस स्कूल के विद्यार्थी पूरे पंजाब की मेरिट सूची में स्थान हासिल करें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल स्कूल की परीक्षाओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें प्रवेश परीक्षाओं और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाए, ताकि स्कूल के बच्चे भविष्य में उच्च पदों पर पहुंचकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।
श्री अरोड़ा ने कहा कि कुलार खुर्द के प्राथमिक स्कूल की इमारत से संबंधित मामला भी उनके संज्ञान में है। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई चल रही है और इसे भी जल्द हल किया जाएगा, ताकि प्राथमिक स्तर के बच्चों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
हथियार लाइसेंस के मुद्दे पर भी बोले अमन अरोड़ा
विधानसभा सत्र के दौरान उठे हथियार लाइसेंस से संबंधित मुद्दे पर श्री अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के गांवों और डेरों में रहने वाले साफ-सुथरे रिकॉर्ड वाले लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए कानूनी हथियार रखने संबंधी नीति पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद उन्होंने भी इस विचार से सहमति जताई है कि जिन लोगों का रिकॉर्ड साफ है और जिनका चरित्र अच्छा है, उनके लिए कानून के अनुसार हथियार लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से कठिन नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब सीमावर्ती राज्य होने के साथ-साथ अतीत में कई चुनौतियों का सामना करता रहा है, जिसके कारण केंद्र सरकार की ओर से हथियारों से संबंधित नियमों में सख्ती रखी जाती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ भी कई बार बातचीत की गई है।
सरकारी भर्तियों को लेकर भी दिया जवाब
पंजाब सरकार की ओर से दी जा रही सरकारी नौकरियों को लेकर उठ रहे सवालों पर श्री अरोड़ा ने कहा कि सरकारी भर्तियां पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश एक है और संविधान के अनुसार नागरिकों को अलग-अलग राज्यों में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। इसलिए पंजाब को बाकी देश से अलग करने वाली सोच उचित नहीं है। हालांकि, पंजाब की भाषा, संस्कृति और स्थानीय जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
श्री अरोड़ा ने मीडिया के माध्यम से विधायकों से अपील की कि विधानसभा में किसी भी मुद्दे पर बोलते समय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर बात की जाए। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी करने के बजाय तथ्यों के साथ बात करना ही लोकतंत्र और सदन की गरिमा के अनुरूप है।
नशे और कानून-व्यवस्था पर सरकार का पक्ष
पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से की जा रही राजनीतिक बयानबाजी पर श्री अरोड़ा ने कहा कि नशा और गैंगस्टरवाद जैसी समस्याएं एक दिन में पैदा नहीं हुईं। इनके पीछे पिछले कई वर्षों के हालात और नीतियां भी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि केवल चिंता जताने से समस्या का समाधान नहीं होता, बल्कि इसके कारणों को समझकर ठोस कार्रवाई करने की जरूरत होती है और पंजाब सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग पिछली सरकारों के कार्यकाल और मौजूदा सरकार के प्रदर्शन की तुलना कर भविष्य में अपना फैसला करेंगे।
इस अवसर पर सरपंच हरिंदर सिंह, डीईओ मनीषा मेहता, पंच सुरजीत सिंह फौजी, मनिंदर सिंह लेक्चरर, मनजीत सिंह नंबरदार, संदीप सिद्धू, मनिंदर सिंह प्रधान, जसवीर सिंह काला, हरविंदर सिंह लाडी, सोसायटी प्रधान लखविंदर सिंह चन्ना, दर्शन सिंह, शिंगारा सिंह चहल, कुलदीप सिंह ब्लॉक समिति सदस्य, ब्लॉक प्रधान दीप सरपंच कनौई, मंच सचिव मनजीत सिंह सहित शिक्षा विभाग और विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य लोग, गांवों के पंच-सरपंच तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।







