11 साल की सानवी सूद ने रचा इतिहास, तुर्किये की माउंट अरारात पर फहराया तिरंगा
रोपड़,10 अगस्त,2026 (प्रभजोत सिंह): पंजाब के रोपड़ की रहने वाली 11 वर्षीय पर्वतारोही सानवी सूद ने अपनी अदम्य हिम्मत और दृढ़ संकल्प के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छठी कक्षा की छात्रा सानवी ने 27 जुलाई को तुर्किये की सबसे ऊंची और चुनौतीपूर्ण पर्वत चोटी माउंट अरारात पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बनाया। 5,137 मीटर ऊंची इस बर्फीली चोटी पर झंडा फहराकर वह दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला पर्वतारोही बनने का दावा कर रही हैं।
इस कठिन अभियान में सानवी के पिता दीपक सूद भी उनके साथ रहे। दीपक स्वयं पर्वतारोहण का अनुभव रखते हैं। चोटी पर पहुंचने के बाद सानवी ने भारतीय तिरंगे के साथ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी प्रदर्शित किया।
सानवी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अरारात अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था। खड़ी चढ़ाई, तेज बर्फीली हवाओं और लगातार बदलते मौसम के बीच कई बार परिस्थितियां कठिन हुईं। ठंड के कारण उनके पैर भी सुन्न होने लगे, लेकिन उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा और लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं।
सानवी ने अन्य लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी के मन में कोई सपना है तो उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत करनी चाहिए। उनका मानना है कि सफलता के लिए शारीरिक मजबूती के साथ मानसिक रूप से मजबूत होना भी जरूरी है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया।
सानवी के पिता दीपक सूद के मुताबिक, अरारात अभियान को पांच दिनों में पूरा करने की योजना थी, लेकिन मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने इसे चार दिनों में ही पूरा कर लिया। उन्होंने बताया कि यह ग्लेशियर वाला बेहद कठिन पर्वतीय क्षेत्र है, जहां ऊंचाई और मुश्किल परिस्थितियों के कारण कई अनुभवी पर्वतारोही भी अस्वस्थ होकर वापस लौट रहे थे। ऐसे समय में सानवी का सकारात्मक रवैया पूरे अभियान के दौरान उनकी ताकत बना रहा।
अभियान के दौरान कुछ अमेरिकी पर्वतारोही भी सानवी के जज्बे से प्रभावित हुए। उन्होंने भारतीय पर्वतारोहियों की दृढ़ता और मजबूती की सराहना की।
सानवी इससे पहले भी कम उम्र में कई महत्वपूर्ण पर्वत चोटियों और अभियानों को पूरा कर चुकी हैं। महज 7 वर्ष की उम्र में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने के अलावा उन्होंने अफ्रीका के माउंट किलिमंजारो, रूस के माउंट एल्ब्रुस, ऑस्ट्रेलिया के माउंट कोजियुस्को, ईरान के माउंट दमावंद और मलेशिया के माउंट किनाबालु पर भी सफलता हासिल की है।
सानवी की इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पंजाब और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। इतनी कम उम्र में लगातार पर्वतारोहण के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल कर रही सानवी आज देश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।






