पटियाला, 18 अगस्त,2026 (दीपक दत्ता): पंजाब राज्य मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के आह्वान पर विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी आज लगातार दूसरे दिन भी कलम छोड़ हड़ताल पर रहे। डिप्टी कमिश्नर कार्यालय सहित कई सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अपने जरूरी काम करवाने पहुंचे लोगों को बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा।
सरकारी दफ्तरों में रजिस्ट्रियों, हथियार लाइसेंस, पेंशन, अदालत से जुड़े मामलों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण काफी दिक्कत हुई। कई कार्यालयों में खाली पड़ी कुर्सियां ही लोगों का स्वागत करती नजर आईं।
यूनियन के प्रेस सचिव दीपक कुमार ने बताया कि कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल का आज दूसरा दिन है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग पंजाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट के उस फैसले को लागू करना है, जिसके तहत कर्मचारियों को डीए की लंबित किस्त देने का निर्देश दिया गया है। उनका आरोप है कि सरकार इस मांग को गंभीरता से नहीं ले रही, जिसके चलते कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि यूनियन ने पहले सरकार को 15 अगस्त तक मांगों पर कार्रवाई करने का समय दिया था। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के बाद 17 और 18 अगस्त को कलम छोड़ हड़ताल का निर्णय लिया गया। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अब भी मांगें नहीं मानीं तो 27 अगस्त को पंजाब में महाबंद किया जाएगा।
दीपक कुमार के अनुसार, इस महाबंद को लेकर ‘सांझा मुलाजिम मंच’ और ‘सांझी तालमेल कमेटी’ की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसमें डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के अलावा रोडवेज, शिक्षा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, नहरी और कैनाल लाइनिंग विभागों के कर्मचारी तथा विभिन्न सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हो सकते हैं।
हड़ताल से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
दफ्तरों में अपने काम करवाने पहुंचे लोगों ने बताया कि वे दूर-दराज के गांवों से सरकारी कार्यालयों में आए थे, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
कुछ लोगों ने बताया कि रजिस्ट्री से जुड़े काम प्रभावित होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और कई मामलों में समझौते या दस्तावेज दोबारा तैयार करवाने की नौबत आ गई। वहीं, विदेश से विवाह पंजीकरण करवाने के लिए आए एक दंपति की छुट्टियां समाप्त हो जाने के कारण उन्हें बिना काम पूरा करवाए वापस विदेश लौटना पड़ा।
लोगों ने मांग की कि सरकार कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान करे, ताकि सरकारी कार्यालयों में कामकाज सामान्य हो सके और आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।






