मोहाली,26 अगस्त,2026 (बलजीत सरना): पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1,404 स्कूलों की मरम्मत के लिए 55.86 करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया है। यह राशि ईडीएस-41 योजना के तहत राज्य के सभी 23 जिलों के चयनित सरकारी स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएगी।
जारी फंड से स्कूलों में भवनों की मरम्मत के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए जरूरी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। विभाग ने स्कूल प्रमुखों और जिला शिक्षा अधिकारियों को राशि खर्च करने तथा निर्माण कार्यो को पूरा कराने के संबंध में दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
पटियाला को सबसे अधिक राशि
जिलेवार आवंटन में पटियाला के 67 सरकारी स्कूलों के लिए 5.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके बाद संगरूर और लुधियाना के 98-98 स्कूलों के लिए क्रमशः 4.93 करोड़ और 4.31 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
रूपनगर के 80 स्कूलों के लिए 3.95 करोड़, फिरोजपुर के 83 स्कूलों के लिए 3.63 करोड़ और जालंधर के 100 स्कूलों के लिए 3.59 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। एसएएस नगर के 62 स्कूलों के लिए 1.87 करोड़ तथा फतेहगढ़ साहिब के 47 स्कूलों के लिए 2.03 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं, पठानकोट के 30 स्कूलों के लिए 74.07 लाख, मोगा के 41 स्कूलों के लिए 76.85 लाख और फरीदकोट के 43 स्कूलों के लिए 77.40 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
इन कार्यों पर खर्च होगी राशि
सरकारी स्कूलों में फर्श, प्लास्टर और टाइलों की मरम्मत, छतों की मरम्मत अथवा उन्हें ऊंचा करने, दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत तथा शौचालयों को दुरुस्त करने पर फंड खर्च किया जा सकेगा। इसके अलावा बिजली से जुड़े कार्य, एलईडी पैनल, पेयजल व्यवस्था, प्लेटफॉर्म और अन्य जरूरी मरम्मत कार्य भी करवाए जाएंगे।
फंड खर्च करने के लिए नियम तय
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की सहमति लेना जरूरी होगा। प्रत्येक कार्य की माप और मात्रा का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ खर्च का पूरा हिसाब भी रखना होगा।
विभाग के अनुसार मंजूर राशि का इस्तेमाल केवल निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा। पिछले वर्ष की कोई लंबित देनदारी होने पर उसका भुगतान भी नियमों के तहत उपलब्ध राशि से किया जा सकता है। काम पूरा होने के बाद संबंधित प्रमाणपत्र और रिकॉर्ड उच्च अधिकारियों को भेजना अनिवार्य होगा।
सरकार द्वारा जारी यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब पंजाब के 2026-27 के बजट में भी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने और शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।






