काठमांडू, 28 अगस्त,2026 (अमनदीप सभरवाल): नेपाल और तिब्बत (चीन) की सीमा के पास हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने के बाद आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। हादसे में मृतकों की संख्या 469 तक पहुंच गई है, जबकि नेपाल और तिब्बत में 1,400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में विदेशी पर्यटक और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालु भी शामिल हैं।
ग्लेशियर का मलबा लांडे खोला और भोटेकोशी नदी में गिरने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। तेज बहाव में कई गांवों, सड़कों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
बाढ़ की चपेट में चीन-नेपाल सीमा का प्रमुख ग्यिरोंग पोर्ट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव के लिए हेलीकॉप्टरों तथा ड्रोन की मदद ली जा रही है।
इस बीच नदी में मलबा जमा होने से करीब 30 लाख घन मीटर पानी वाली अस्थायी झील बनने की चेतावनी दी गई है। इसके टूटने पर निचले इलाकों में दोबारा बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
भारत समेत कई देशों ने नेपाल को सहायता की पेशकश की है। भारत ने नेपाल और तिब्बत में फंसे भारतीय श्रद्धालुओं व नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव प्रयास तेज किए हैं। नेपाल सरकार की एजेंसियां भी राहत और निकासी अभियान में जुटी हैं।






