चंडीगढ़, 1 सितंबर 2026 (हर्षलीन सिंह): पंजाब में भूजल को बचाने के लिए नहरी पानी के उपयोग को बढ़ाने की सरकारी रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि राज्य के 153 में से 109 ग्राउंड वाटर ब्लॉकों में सुधार दर्ज किया गया है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में भूजल विकास की दर 164 प्रतिशत थी, जो 2026 में घटकर 152.22 प्रतिशत रह गई है। इसी तरह वार्षिक भूजल दोहन 28.02 BCM से घटकर 26.32 BCM हो गया है।
उन्होंने बताया कि 14 ब्लॉकों की श्रेणी में बदलाव आया है, जिनमें से 4 ब्लॉक ‘सेफ’ श्रेणी में पहुंच गए हैं। इसके अलावा 95 अन्य ब्लॉकों में भी अलग-अलग स्तर पर सुधार दर्ज किया गया है।
गोयल ने बताया कि पंजाब में नहरी पानी का उपयोग वर्ष 2022 तक लगभग 26 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 82 प्रतिशत हो गया है। सरकार द्वारा नहरों, खालों और सिंचाई ढांचे की मरम्मत एवं विस्तार पर करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नहरी पानी खेतों तक पहुंचने से ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम हुई है और बिजली की खपत में भी करीब 16 प्रतिशत की बचत हुई है।
इसके अलावा राज्य में 510 से अधिक रिचार्ज योजनाएं स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से भूजल रिचार्ज में वृद्धि हो रही है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि पंजाब की कृषि और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।





